LIVE 24 TV · 1/48
दक्षिण अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक इतिहास रच दिया है। वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है।
LIVE 24 TV · 2/48
LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 26 अक्टूबर 2026 ब्रासीलिया/नई दिल्ली। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने एक बार फिर देश की राजनीति में अपनी पकड़ साबित की है। रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को संपन्न राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में 80 वर्षीय
LIVE 24 TV · 3/48
लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी और लिबरल पार्टी के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को पराजित कर चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल हासिल किया। यह चुनाव इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहले चरण में लूला अपने प्रतिद्वंद्वी से पीछे रह गए थे। लेकिन दूसरे चरण में उन्होंने चुनाव
LIVE 24 TV · 4/48
प्रचार की रणनीति बदली, सामाजिक कल्याण योजनाओं, लोकतंत्र और राष्ट्रीय संप्रभुता के मुद्दों पर जोर दिया तथा नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने में सफलता हासिल की। ब्राजील के सर्वोच्च चुनाव न्यायालय (TSE) ने 26 अक्टूबर को आधिकारिक परिणाम घोषित किए। इसके अनुसार
LIVE 24 TV · 5/48
लूला को 6,42,56,232 वोट मिले, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 5,98,26,041 मत प्राप्त हुए। जीत का अंतर 44,30,191 वोट रहा। मतदान के दौरान कुल 12 करोड़ 82 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। लगभग 19.22 प्रतिशत मतदाता मतदान करने नहीं
LIVE 24 TV · 6/48
पहुंचे। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक दूसरे चरण में पहले चरण की तुलना में भागीदारी बेहतर रही। पहले चरण में हार जैसी स्थिति, दूसरे चरण में कैसे पलटा चुनाव? ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का पहला चरण 4 अक्टूबर 2026 को हुआ था। इसमें फ्लावियो बोल्सोनारो को
LIVE 24 TV · 7/48
लूला से अधिक वोट मिले। दोनों ही उम्मीदवार 50 प्रतिशत वैध वोटों का आंकड़ा पार नहीं कर सके, इसलिए दोबारा मतदान कराना पड़ा। दूसरे दौर के मतदान से पहले लूला ने अपने चुनावी अभियान को नए तरीके से आगे बढ़ाया। उन्होंने मतदाताओं से सीधे संवाद करने के लिए छोटे
LIVE 24 TV · 8/48
वीडियो, सोशल मीडिया और सार्वजनिक सभाओं का इस्तेमाल बढ़ाया। ब्राजील की सरकारी समाचार एजेंसी एजेंसिया ब्रासिल के अनुसार, सांसद आंद्रे जानोनेस भी उनके डिजिटल प्रचार अभियान से जुड़े। व्हाट्सऐप समूहों और समर्थकों के नेटवर्क के माध्यम से प्रचार को बड़े
LIVE 24 TV · 9/48
पैमाने पर फैलाया गया। लूला को ब्राजील के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में विशेष समर्थन मिला। गरीब परिवारों, सामाजिक सहायता योजनाओं के लाभार्थियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर चिंतित मतदाताओं तक पहुंच उनके अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। दूसरी ओर,
LIVE 24 TV · 10/48
फ्लावियो बोल्सोनारो ने सुरक्षा व्यवस्था, करों और आर्थिक नीतियों पर सत्तारूढ़ सरकार की आलोचना की। हालांकि पहले चरण में आगे रहने के बावजूद वे दूसरे दौर में निर्णायक समर्थन नहीं जुटा सके। कौन हैं लूला दा सिल्वा? गरीबी से राष्ट्रपति भवन तक का सफर ब्राजील
LIVE 24 TV · 11/48
के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का जन्म 27 अक्टूबर 1945 को एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। बचपन में आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने जूते पॉलिश किए और फैक्ट्री में मजदूरी की। एक दुर्घटना में उनकी उंगली भी कट गई। मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए
LIVE 24 TV · 12/48
उन्होंने राजनीति में कदम रखा। तीन चुनाव हारने के बाद 2002 में पहली बार राष्ट्रपति बने और 2006 में दोबारा जीते। भ्रष्टाचार मामले में 2018 में जेल गए, लेकिन बाद में उनकी दोषसिद्धियां रद्द हुईं। 2022 में सत्ता में लौटे और 2026 में चौथी बार राष्ट्रपति
LIVE 24 TV · 13/48
चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। वर्ष 1975 में वे साओ बर्नार्डो दो कैंपो और डायडेमा के धातु कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बने। इसके बाद वे देश के प्रभावशाली मजदूर नेताओं में गिने जाने लगे। 1980 में लूला ने अन्य श्रमिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर
LIVE 24 TV · 14/48
वर्कर्स पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरे-धीरे उनकी पहचान राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित हुई। तीन बार चुनाव हारे, जेल भी गए, फिर चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीता लूला के राजनीतिक सफर के बारे में जाने। 1989 — पहली राष्ट्रपति चुनावी हार
LIVE 24 TV · 15/48
लोकतंत्र की बहाली के बाद हुए चुनाव में लूला राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने, लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। 1994 और 1998 — दो और चुनावी हार लगातार दो चुनावों में पराजित होने के बावजूद उन्होंने अपनी पार्टी का संगठन मजबूत किया। 2002 — पहली ऐतिहासिक जीत
LIVE 24 TV · 16/48
राष्ट्रपति चुनाव जीतकर पहली बार ब्राजील के सर्वोच्च पद पर पहुंचे। जनवरी 2003 में कार्यभार संभाला। 2006 — दूसरी बार राष्ट्रपति निर्वाचित दोबारा चुनाव जीतकर जनवरी 2011 तक राष्ट्रपति पद पर रहे। 2018–2019 — जेल का दौर भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में
LIVE 24 TV · 17/48
दोषसिद्धि के बाद जेल गए। नवंबर 2019 में रिहा हुए। 2021 — कानूनी राहत ब्राजील के सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित दोषसिद्धियां निरस्त कर दीं, जिससे राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का रास्ता खुला। 2022 — तीसरी बार राष्ट्रपति बने तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो
LIVE 24 TV · 18/48
को चुनाव में हराया। जनवरी 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला। 2026 — चौथी बार जीत जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर नया कार्यकाल हासिल किया, जो 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा। भ्रष्टाचार के मामले में जेल क्यों जाना पड़ा था? ब्राजील में बड़े
LIVE 24 TV · 19/48
भ्रष्टाचार घोटाले की जांच के दौरान लूला के खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे। एक मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया और 2018 में जेल जाना पड़ा। उस समय लूला के राजनीतिक भविष्य पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। वे 2018 का राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सके। नवंबर 2019 में
LIVE 24 TV · 20/48
उनकी जेल से रिहाई हुई। इसके बाद 2021 में ब्राजील के सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी दोषसिद्धियों को निरस्त कर दिया। न्यायिक अधिकार क्षेत्र और मामले की सुनवाई की निष्पक्षता को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले हुए। इन फैसलों ने लूला के राजनीतिक अधिकार बहाल किए।
LIVE 24 TV · 21/48
उन्होंने 2022 में चुनाव लड़कर राष्ट्रपति पद पर वापसी की और 2026 में चौथी जीत दर्ज की। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव दो चरणों में क्यों होता है? भारत से अलग ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाता है। सामान्य नियम के अनुसार, किसी
LIVE 24 TV · 22/48
उम्मीदवार को पहले दौर में जीतने के लिए कुल वैध मतों के आधे से अधिक वोट प्राप्त करने होते हैं। यदि कोई उम्मीदवार यह आंकड़ा हासिल नहीं करता, तो सबसे अधिक वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरा दौर आयोजित होता है। ब्राजील में राष्ट्रपति का कार्यकाल
LIVE 24 TV · 23/48
चार साल का होता है। 2026 की जीत के साथ लूला अपना चौथा, लेकिन लगातार दूसरा वर्तमान कार्यकाल शुरू करेंगे। लूला दा सिल्वा की जीत भारत के लिए कितनी महत्वपूर्ण है? जानिए पांच बड़े कारण ब्राजील में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की चौथी राष्ट्रपति चुनावी जीत
LIVE 24 TV · 24/48
भारत के लिए आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। भारत और ब्राजील दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और BRICS, G20 तथा वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर सहयोग करते रहे हैं। लूला के नए कार्यकाल से भारत-ब्राजील संबंधों में निरंतरता की संभावना
LIVE 24 TV · 25/48
बढ़ती है। हालांकि, इस जीत का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश अपने व्यापारिक और रणनीतिक समझौतों को कितनी प्रभावी तरीके से लागू करते हैं। BRICS में भारत की साझेदारी को मजबूती भारत और ब्राजील BRICS के प्रमुख सदस्य हैं। दोनों विकासशील
LIVE 24 TV · 26/48
देशों की आवाज मजबूत करने, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सुधार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में प्रतिनिधित्व बढ़ाने के पक्षधर हैं। लूला के दोबारा निर्वाचित होने से इन विषयों पर सहयोग जारी रह सकता है। व्यापार बढ़ाने का बड़ा अवसर भारत और ब्राजील का
LIVE 24 TV · 27/48
द्विपक्षीय व्यापार 2025 में लगभग 15.21 अरब डॉलर रहा था। जुलाई 2025 में दोनों देशों ने व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। आर्थिक संबंधों में निरंतरता भारतीय दवा, रसायन, इंजीनियरिंग और ऊर्जा कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है।
LIVE 24 TV · 28/48
महत्वपूर्ण खनिजों और स्टील उद्योग को लाभ फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला की मौजूदगी में खनिजों तथा इस्पात आपूर्ति श्रृंखला पर समझौता हुआ था। इससे भारत को खनिज संसाधनों, प्रसंस्करण तकनीक और निवेश में सहयोग बढ़ाने का अवसर
LIVE 24 TV · 29/48
मिल सकता है। ऊर्जा, जैव ईंधन और कृषि में सहयोग ब्राजील जैव ईंधन और एथेनॉल तकनीक में महत्वपूर्ण अनुभव रखता है। भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा, कृषि तकनीक, तेल एवं गैस और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में यह साझेदारी उपयोगी हो सकती है। डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य और
LIVE 24 TV · 30/48
रणनीतिक स्वतंत्रता फरवरी 2026 में लूला की भारत यात्रा के दौरान डिजिटल साझेदारी, दवाओं के नियामकीय सहयोग और महत्वपूर्ण खनिजों सहित 11 समझौते हुए थे। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा के बीच भारत और ब्राजील के स्वतंत्र कूटनीतिक संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। ब्राजील
LIVE 24 TV · 31/48
में दो चरणों में कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव? ब्राजील में राष्ट्रपति का चुनाव दो चरणों में होता है। हालांकि, यदि पहले चरण में ही किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वैध वोट मिल जाते हैं, तो दूसरे चरण की जरूरत नहीं पड़ती। 1. पहला चरण: राष्ट्रपति
LIVE 24 TV · 32/48
चुनाव में सभी पात्र उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। यदि किसी उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिलते हैं, तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है। अगर कोई भी उम्मीदवार यह आंकड़ा पार नहीं कर पाता, तो सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार
LIVE 24 TV · 33/48
दूसरे चरण में पहुंचते हैं। 2. दूसरा चरण: पहले चरण के शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच दोबारा मतदान होता है। पहले चरण में बाहर हुए उम्मीदवारों के वोट अपने आप किसी दूसरे उम्मीदवार को नहीं मिलते। मतदाता दोबारा अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देते हैं। इस चरण
LIVE 24 TV · 34/48
में जिस उम्मीदवार को अधिक वैध वोट मिलते हैं, वह राष्ट्रपति निर्वाचित होता है। पहले दौर में पिछड़ने के बावजूद लूला दा सिल्वा ने कैसे पलटी बाजी? ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव 2026 में पहले दौर में पिछड़ने के बावजूद लूला दा सिल्वा ने दूसरे दौर में वापसी
LIVE 24 TV · 35/48
करते हुए जीत हासिल की। उनकी जीत के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। 1. दूसरे दौर में बदला वोटों का समीकरण: पहले दौर में बाहर हुए उम्मीदवारों के समर्थकों को दूसरे दौर में लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो में से किसी एक को चुनना था। नए मतदाता समीकरण
LIVE 24 TV · 36/48
ने चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल दी। 2. महिला मतदाताओं का समर्थन: चुनाव पूर्व सर्वेक्षण के अनुसार, 49 प्रतिशत महिलाओं ने लूला का समर्थन किया, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो को 40 प्रतिशत महिलाओं का समर्थन मिला। 3. कैथोलिक मतदाताओं में बढ़त: सर्वेक्षण में 52
LIVE 24 TV · 37/48
प्रतिशत कैथोलिक मतदाताओं ने लूला का समर्थन किया, जबकि फ्लावियो को 42 प्रतिशत समर्थन मिला। इससे लूला की स्थिति मजबूत होने के संकेत मिले। 4. राष्ट्रीय संप्रभुता का मुद्दा: चुनाव प्रचार के दौरान लूला ने अमेरिका के दबाव के सामने झुकने के बजाय ब्राजील की
LIVE 24 TV · 38/48
स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय संप्रभुता पर जोर दिया। उनके इस संदेश को भी चुनावी समर्थन जुटाने का एक संभावित कारण माना जा रहा है। 5. राजनीतिक अनुभव और सामाजिक योजनाएं: लूला ने अपने पुराने कार्यकाल की गरीबी उन्मूलन और सामाजिक कल्याण योजनाओं को
LIVE 24 TV · 39/48
प्रमुखता से उठाया। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और मजदूर वर्ग से जुड़ाव ने भी चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इन कारणों से कितने मतदाताओं ने अपना वोट बदला, यह केवल चुनाव परिणाम और सर्वेक्षण के आधार पर निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
LIVE 24 TV · 40/48
गरीबों और मजदूरों को राहत देने के वादों पर लूला ने लड़ा चुनाव ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने गरीब परिवारों, श्रमिकों और कम आय वाले लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने को अपने चुनावी अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने
LIVE 24 TV · 41/48
महंगाई का बोझ कम करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने पर जोर दिया। चुनाव प्रचार के दौरान लूला से जुड़े तीन प्रमुख वादे चर्चा में रहे। 1. गरीब परिवारों को मिलने वाली सरकारी सहायता में
LIVE 24 TV · 42/48
15% बढ़ोतरी लूला ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने वाली सरकारी सहायता योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि में 15 प्रतिशत वृद्धि करने का वादा किया। इसका उद्देश्य कम आय वाले परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और दैनिक जरूरतों का खर्च उठाने में
LIVE 24 TV · 43/48
मदद करना है। 2. शनिवार और रविवार को बस-मेट्रो में मुफ्त सफर लूला ने सप्ताहांत पर सार्वजनिक परिवहन मुफ्त करने का प्रस्ताव रखा, ताकि मजदूरों, छात्रों और कम आय वाले नागरिकों के यात्रा खर्च में कमी लाई जा सके। हालांकि, देशभर में ऐसी सुविधा लागू करने के
LIVE 24 TV · 44/48
लिए वित्तीय व्यवस्था, स्थानीय और क्षेत्रीय सरकारों के सहयोग तथा आवश्यक कानूनी मंजूरियों की जरूरत होगी। 3. गरीबी और बेरोजगारी कम करने पर विशेष जोर लूला ने रोजगार के नए अवसर पैदा करने, श्रमिकों की आय बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की
LIVE 24 TV · 45/48
प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने गरीब परिवारों की क्रयशक्ति बढ़ाने, आर्थिक असमानता कम करने और श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार को अपनी नीतियों में प्राथमिकता देने की बात कही। लूला के इन वादों का राजनीतिक महत्व ब्राजील में महंगाई, आय की असमानता, रोजगार और
LIVE 24 TV · 46/48
जीवनयापन की बढ़ती लागत लंबे समय से महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। ऐसे में गरीबों और मजदूरों को राहत देने से जुड़े प्रस्तावों ने लूला के चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। हालांकि, इन वादों को वास्तविक योजनाओं में बदलने के लिए सरकार को
LIVE 24 TV · 47/48
वित्तीय संसाधन जुटाने और कई मामलों में संसद तथा स्थानीय प्रशासन का समर्थन प्राप्त करने की जरूरत होगी। भारत के लिए लूला की जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देशों के बीच पहले से हुए रणनीतिक और आर्थिक समझौतों को आगे बढ़ाने का अवसर बना रहेगा।
LIVE 24 TV · 48/48
भारत के लिए सबसे ठोस संभावनाएं व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, जैव ईंधन, दवा उद्योग और डिजिटल तकनीक में हैं। वहीं BRICS तथा वैश्विक दक्षिण के मंचों पर दोनों देशों का सहयोग अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भी महत्व रखता है।