LIVE 24 TV · 1/47

LAC पर सिचुएशन कंट्रोल में, लेकिन तनाव बरकरार! अरुणाचल में चीनी सैनिकों से आमना-सामना जारी, क्या मोदी सरकार से छिपी रह गई बड़ी बात?

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर आमना-सामना होने की खबरों ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सवाल यह है कि जब दोनों देशों के बीच बातचीत जारी ह

LIVE 24 TV · 2/47

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 24 अक्टूबर 2026 भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर आमना-सामना होने की खबरों ने सुरक्षा

LIVE 24 TV · 3/47

व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सवाल यह है कि जब दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, तब सीमा पर तनाव क्यों बना हुआ है? क्या सैनिकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या केंद्र सरकार देश को सीमा के हालात की

LIVE 24 TV · 4/47

पूरी जानकारी दे रही है? 24 अक्टूबर 2026 को सामने आई ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के कुछ संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रक्षा सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और किसी हिंसक

LIVE 24 TV · 5/47

झड़प की खबर नहीं है। हालांकि, भारतीय और चीनी गश्ती दलों के बीच आमना-सामना जारी रहने से तनाव पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं मिलते। इस बीच, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान ने इस मुद्दे को नई राजनीतिक बहस में बदल दिया

LIVE 24 TV · 6/47

है। उनके मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है और ऐसी स्थितियां अब भी बनी हुई हैं। इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। तक्सिंग सेक्टर के किन इलाकों पर है नजर?

LIVE 24 TV · 7/47

अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले में स्थित तक्सिंग क्षेत्र के आसपास सीमा प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ताजा रिपोर्टों में असाफिला और लोंगजू जैसे इलाकों का उल्लेख किया गया है। यहां भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर

LIVE 24 TV · 8/47

अलग-अलग धारणाएं होने के कारण गश्त के दौरान सैनिक आमने-सामने आ सकते हैं। ऐसे मामलों में जरूरी नहीं कि हर बार गोलीबारी या हिंसक संघर्ष हो। कई बार दोनों देशों के गश्ती दल अपने-अपने दावों वाले क्षेत्रों में पहुंचते हैं और आमना-सामना होने पर स्थिति को

LIVE 24 TV · 9/47

सैन्य संवाद के माध्यम से संभालने की कोशिश की जाती है। ताजा जानकारी के अनुसार, इन इलाकों में किसी नई हिंसक झड़प की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर सैन्य अधिकारियों के बीच संवाद और अन्य स्थापित व्यवस्थाओं के जरिए तनाव बढ़ने से रोकने के प्रयास किए

LIVE 24 TV · 10/47

जा रहे हैं। हालांकि, संवेदनशील इलाकों में गश्त से जुड़ी घटनाओं का जारी रहना अपने आप में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती है। ITBP प्रमुख के बयान से क्यों मचा हड़कंप? 23 अक्टूबर को सामने आई खबरों के मुताबिक, ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल

LIVE 24 TV · 11/47

प्रदेश में कई स्थानों पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच आमना-सामना होने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसी घटनाएं हाल के दिनों में हुई हैं और स्थिति पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि सीमा पर तनाव की

LIVE 24 TV · 12/47

जानकारी एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी की ओर से सामने आई। इसके बाद सवाल उठने लगे कि यदि जुलाई से इस क्षेत्र में तनाव की घटनाएं हो रही थीं, तो देश को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई? हालांकि, सैनिकों के बीच आमना-सामना होने का अर्थ अपने आप में यह नहीं है

LIVE 24 TV · 13/47

कि भारतीय क्षेत्र पर कब्जा हो गया है या सीमा की स्थिति बदल गई है। ऐसे किसी दावे के लिए स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसी संदर्भ में यह भी उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच 6 सितंबर 2026 को अरुणाचल प्रदेश के वाचा-दामाई

LIVE 24 TV · 14/47

सीमा बैठक स्थल पर कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। इस बैठक का उद्देश्य सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा करना था। इसके बावजूद ताजा बयान से साफ है कि स्थानीय स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं। मोदी सरकार से विपक्ष क्या जवाब मांग रहा है? ITBP प्रमुख के

LIVE 24 TV · 15/47

बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की सीमा नीति और सूचना साझा करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद और देश को सीमा के ताजा हालात की जानकारी देने की मांग की है। विपक्ष के सवाल मुख्य

LIVE 24 TV · 16/47

रूप से इन मुद्दों पर केंद्रित हैं: 1. क्या भारतीय सैनिकों की गश्त प्रभावित हुई है? कांग्रेस यह जानना चाहती है कि क्या चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय सैनिकों की नियमित गश्त को रोकने या सीमित करने की कोशिश की है। विपक्ष ने इस संबंध में

LIVE 24 TV · 17/47

सामने आई खबरों पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। हालांकि, गश्त प्रभावित होने के आरोप और क्षेत्र पर कब्जे का दावा अलग-अलग बातें हैं; इन्हें एक ही तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 2. प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने पहले जानकारी क्यों नहीं दी?

LIVE 24 TV · 18/47

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील विषय पर सरकार को देश के सामने

LIVE 24 TV · 19/47

स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 3. क्या सैन्य और कूटनीतिक बातचीत का असर जमीन पर दिख रहा है? विपक्ष ने सवाल किया है कि भारत और चीन के बीच लगातार होने वाली बातचीत के बावजूद यदि सैनिकों का आमना-सामना जारी है, तो इन वार्ताओं से क्या नतीजे निकले हैं और सीमा पर

LIVE 24 TV · 20/47

तनाव कम करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं? 4. क्या संसद को भरोसे में लिया जाएगा? कांग्रेस चाहती है कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी दे और बताए कि सीमा पर क्या स्थिति है, भारतीय सैनिकों की गश्त पर कोई प्रभाव पड़ा है या नहीं और

LIVE 24 TV · 21/47

कूटनीतिक स्तर पर क्या प्रगति हुई है।कांग्रेस के इन सवालों का केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा, पारदर्शिता और सीमा प्रबंधन है। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को सरकार द्वारा पुष्टि किए गए तथ्यों से अलग समझना जरूरी है। मोदी सरकार का क्या है जवाब?

LIVE 24 TV · 22/47

विपक्ष के सवालों के बीच विदेश मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को भारत-चीन सीमा की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जब चीनी सैनिक स्थापित गश्ती पैटर्न से अलग हटते हैं, तब भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में समय-समय पर स्थिति

LIVE 24 TV · 23/47

प्रभावित होती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी या गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य तंत्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि

LIVE 24 TV · 24/47

सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए आवश्यक है। मंत्रालय ने विशिष्ट सैन्य घटनाओं से जुड़े सवालों पर रक्षा मंत्रालय से जानकारी लेने को कहा। सरकार के इस बयान का मतलब है कि भारत सीमा पर

LIVE 24 TV · 25/47

पैदा होने वाली परिस्थितियों को सैन्य और कूटनीतिक माध्यमों से संभालने की नीति पर कायम है। हालांकि, विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया में प्रत्येक स्थान पर हुई घटना, भारतीय गश्ती दलों की पहुंच और विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी आरोपों का अलग-अलग विस्तृत जवाब

LIVE 24 TV · 26/47

नहीं दिया गया। इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का अंतिम और स्पष्ट उत्तर दे दिया है। दूसरी ओर, यह भी तथ्य है कि मंत्रालय ने सीमा प्रबंधन, संवाद और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर अपना आधिकारिक रुख सामने रखा है। क्या सीमा पर

LIVE 24 TV · 27/47

युद्ध जैसे हालात हैं? फिलहाल उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के आधार पर अरुणाचल प्रदेश में युद्ध जैसी स्थिति घोषित करने का कोई आधार नहीं है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, स्थिति नियंत्रण में है और संबंधित संवेदनशील इलाकों में किसी हिंसक झड़प की खबर नहीं है। लेकिन

LIVE 24 TV · 28/47

सैनिकों के बीच बार-बार आमना-सामना होना बताता है कि सीमा विवाद पूरी तरह हल नहीं हुआ है। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा की समझ को लेकर मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं। दोनों देशों की गश्त की धारणाएं जहां अलग-अलग होती हैं, वहां सैनिकों के

LIVE 24 TV · 29/47

आमने-सामने आने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सैन्य संयम, स्पष्ट संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। भारत के लिए चुनौती दोहरी है—एक ओर सीमा पर सुरक्षा और गश्त से जुड़े हितों की रक्षा करना, तो दूसरी ओर स्थानीय घटनाओं को बड़े सैन्य

LIVE 24 TV · 30/47

टकराव में बदलने से रोकना। सरकार के सामने यह भी जिम्मेदारी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किए बिना जनता और संसद को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। आगे क्या होगा? सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर अरुणाचल प्रदेश में मौजूदा घटनाक्रम के बाद आने वाले दिनों

LIVE 24 TV · 31/47

में तीन बातें महत्वपूर्ण रहेंगी। पहली, क्या भारत और चीन के स्थानीय सैन्य अधिकारी गश्त से जुड़े विवादों को प्रभावी ढंग से सुलझा पाते हैं? दूसरी, क्या विदेश मंत्रालय या रक्षा मंत्रालय घटनाओं के विशिष्ट पहलुओं पर और जानकारी देता है? तीसरी, क्या केंद्र

LIVE 24 TV · 32/47

सरकार विपक्ष की मांग पर संसद या किसी आधिकारिक मंच से विस्तृत स्थिति स्पष्ट करती है? इन सवालों के जवाब ही यह समझने में मदद करेंगे कि मौजूदा तनाव केवल स्थानीय गश्ती गतिविधियों तक सीमित है या सीमा प्रबंधन से जुड़ी कोई बड़ी समस्या सामने आ रही है। फिलहाल

LIVE 24 TV · 33/47

निष्कर्ष यही है: अरुणाचल प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन सीमा पर तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ITBP प्रमुख के बयान ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सामने रखा है, कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है और विदेश मंत्रालय ने स्थापित

LIVE 24 TV · 34/47

सैन्य एवं कूटनीतिक तंत्रों के जरिए विवाद सुलझाने की बात कही है। अब देश की नजर इस बात पर रहेगी कि सीमा पर शांति बनाए रखने के साथ-साथ सरकार उठे सवालों पर कितनी स्पष्ट जानकारी देती है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद दशकों पुराना है। अरुणाचल प्रदेश से

LIVE 24 TV · 35/47

लेकर लद्दाख तक दोनों देशों के बीच सीमा के अलग-अलग हिस्सों को लेकर मतभेद रहे हैं। हालांकि, दोनों देशों ने कई बार बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की है, लेकिन अब तक पूरी सीमा का अंतिम निर्धारण नहीं हो सका है। 1914 में कहां से शुरू हुआ विवाद?

LIVE 24 TV · 36/47

भारत-चीन सीमा विवाद की प्रमुख ऐतिहासिक जड़ें 1914 के शिमला सम्मेलन से जुड़ी हैं। उस समय ब्रिटिश भारत और तिब्बत के प्रतिनिधियों के बीच पूर्वी सीमा को लेकर एक रेखा निर्धारित की गई, जिसे मैकमोहन रेखा कहा जाता है। भारत इस रेखा को अरुणाचल प्रदेश की सीमा

LIVE 24 TV · 37/47

का आधार मानता है, जबकि चीन इसे स्वीकार नहीं करता। चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत कहता है। भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न हिस्सा बताया है। 1962 में हुआ था भारत-चीन युद्ध 1950 के

LIVE 24 TV · 38/47

दशक में भारत और चीन के संबंधों में सीमा विवाद को लेकर तनाव बढ़ने लगा। अक्टूबर 1962 में दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ गया। इस युद्ध का असर पूर्वी और पश्चिमी, दोनों सीमा क्षेत्रों में देखने को मिला। युद्ध के बाद भी सीमा विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल

LIVE 24 TV · 39/47

सका। लद्दाख के अक्साई चिन क्षेत्र पर चीन का नियंत्रण बना रहा, जबकि भारत इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है। LAC क्या है और विवाद क्यों बना हुआ है? LAC यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा वह रेखा है जो भारत और चीन के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को अलग करती है। यह

LIVE 24 TV · 40/47

पूरी तरह निर्धारित और दोनों देशों द्वारा समान रूप से स्वीकार की गई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है। कई स्थानों पर भारत और चीन की इस बात पर अलग-अलग धारणाएं हैं कि वास्तविक नियंत्रण रेखा कहां से गुजरती है। इसी कारण दोनों देशों के सैनिकों के गश्त के दौरान

LIVE 24 TV · 41/47

आमने-सामने आने की घटनाएं होती रहती हैं। 2020 की गलवान झड़प ने बढ़ाया तनाव जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए। इस घटना के बाद दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों

LIVE 24 TV · 42/47

में सैन्य तैनाती बढ़ाई और तनाव कम करने के लिए कई दौर की बातचीत की। अक्टूबर 2024 में पूर्वी लद्दाख में गश्त व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बनी, लेकिन इससे पूरा सीमा विवाद समाप्त नहीं हुआ। 1959 से 2022 तक भारत-चीन सीमा पर कब-कब हुआ विवाद?

LIVE 24 TV · 43/47

1959: लोंगजू और कोंगका पास में तनाव 1959 में अरुणाचल प्रदेश के लोंगजू क्षेत्र और लद्दाख के कोंगका पास में भारत-चीन के बीच गंभीर घटनाएं हुईं। इससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा। 1962: भारत-चीन युद्ध अक्टूबर 1962 में सीमा विवाद ने युद्ध का रूप

LIVE 24 TV · 44/47

ले लिया। पूर्वी क्षेत्र और लद्दाख में लड़ाई हुई, लेकिन सीमा का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। 1967: नाथू ला और चो ला झड़प सिक्किम के इन सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गंभीर सैन्य संघर्ष हुआ। 1986–87: सुमदोरोंग चू गतिरोध अरुणाचल

LIVE 24 TV · 45/47

प्रदेश में सैनिकों की तैनाती को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, जिसे बातचीत के जरिए संभाला गया। 2017: डोकलाम विवाद सड़क निर्माण को लेकर भारत और चीन के सैनिकों के बीच लगभग 73 दिनों तक गतिरोध रहा। 2020: गलवान घाटी झड़प 15 जून 2020 को हुई हिंसक झड़प

LIVE 24 TV · 46/47

में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए। 2022: तवांग में झड़प अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से क्षेत्र में सैनिकों के बीच टकराव हुआ। इन घटनाओं के बावजूद सीमा विवाद का अंतिम समाधान अब तक नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच बातचीत और सीमा पर शांति बनाए रखने के प्रयास

LIVE 24 TV · 47/47

जारी रहे हैं।

पूरी खबर पढ़ें