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“TRAI का बड़ा फैसला: डेटा नहीं चाहिए तो सिर्फ Call-SMS का विकल्प, 30 दिन तक के छोटे प्लान और Monthly Renewal भी जरूरी”

हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सेकेंडरी SIM का खर्च “आधा” हो जाएगा या प्रत्येक ग्राहक को निश्चित रकम की बचत होगी। वास्तविक बचत Jio, Airtel, Vi, BSNL और अन्य ऑपरेटरों द्वारा पेश किए जाने वाले अंतिम टैरिफ पर निर्भर करेगी।

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“TRAI का बड़ा फैसला: डेटा नहीं चाहिए तो सिर्फ Call-SMS का विकल्प, 30 दिन तक के छोटे प्लान और Monthly Renewal भी जरूरी”

नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026। मोबाइल उपभोक्ताओं, खासकर इंटरनेट डेटा की जरूरत न रखने वाले ग्राहकों के लिए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। TRAI ने 22 सितंबर को Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulations, 2026 जारी किए। नए नियमों का मकसद Voice और SMS की जरूरत वाले ग्राहकों को अधिक अवधि-विकल्प और किफायती टैरिफ उपलब्ध कराना है।

आखिर क्यों बदलने पड़े नियम?

TRAI ने दिसंबर 2024 के 12वें संशोधन में ही टेलीकॉम कंपनियों के लिए कम-से-कम एक Voice और SMS Only Special Tariff Voucher (STV) देना अनिवार्य किया था। लेकिन नियामक ने पाया कि बाजार में ऐसे प्लान सीमित रहे और उपलब्ध विकल्प मुख्य रूप से लंबी वैधता वाले थे। इससे कम आय वाले या कम अवधि का रिचार्ज चाहने वाले ग्राहकों के पास पर्याप्त विकल्प नहीं थे।

इसी समस्या को देखते हुए TRAI ने अप्रैल 2026 में नए संशोधन का मसौदा जारी किया। परामर्श प्रक्रिया में 1,132 प्रतिक्रियाएं मिलीं और 15 जून को Open House Discussion भी हुआ। इसके बाद अंतिम नियम जारी किए गए।

अब टेलीकॉम कंपनियों को क्या करना होगा?

सबसे बड़ा बदलाव Voice-SMS Only STV की उपलब्धता में है। यदि कोई ऑपरेटर Voice, SMS और Data वाला STV 30 दिन या उससे कम अवधि के लिए देता है, तो संबंधित वैधता के लिए केवल Voice और SMS वाला STV भी उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा एक ऐसा Voice-SMS STV देना होगा जो हर महीने उसी तारीख पर रिन्यू हो सके। अगर किसी महीने वह तारीख मौजूद नहीं है, तो रिन्यूअल उस महीने के अंतिम दिन होगा। साथ ही इससे अधिक अवधि वाला कम-से-कम एक संबंधित Voice-SMS STV भी देना होगा।

टैरिफ को लेकर भी महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई है। Voice-SMS Only STV की कीमत में डेटा रहित सेवा के अनुरूप “appropriate reduction in tariff” यानी उचित कमी होनी चाहिए। यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अंतिम नियम को सीधे “सख्त आनुपातिक कटौती” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा। अप्रैल के मसौदे में “largely proportional reduction” प्रस्तावित था, जबकि अंतिम सरकारी सूचना “appropriate reduction” शब्द का इस्तेमाल करती है।

क्या अब 28 दिन के सभी प्लान खत्म हो जाएंगे?

नहीं। नए नियम का यह अर्थ नहीं है कि 28 दिन की वैधता वाले सभी रिचार्ज समाप्त हो जाएंगे या हर प्लान अनिवार्य रूप से 30 दिन का होगा। नियम का मुख्य उद्देश्य Voice-SMS Only STV के लिए 30 दिन और उससे कम अवधि के मौजूदा bundled STV के अनुरूप विकल्प उपलब्ध कराना तथा एक same-date monthly renewal विकल्प सुनिश्चित करना है। इसलिए “अब साल में केवल 12 बार ही रिचार्ज करना पड़ेगा” जैसी बात सभी उपभोक्ताओं और सभी प्लान पर स्वतः लागू नहीं होती।

किन ग्राहकों पर सबसे ज्यादा असर?

इस बदलाव का सीधा फायदा ऐसे प्रीपेड ग्राहकों को हो सकता है जो मोबाइल इंटरनेट का बहुत कम या बिल्कुल उपयोग नहीं करते। इसमें फीचर फोन उपयोगकर्ता, वरिष्ठ नागरिक, कम आय वाले ग्राहक और केवल कॉलिंग के लिए दूसरा SIM रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। TRAI ने स्वयं कहा है कि संशोधन से खास तौर पर कम आय वाले उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता और आर्थिक क्षमता के अनुसार रिचार्ज चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे।

हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सेकेंडरी SIM का खर्च “आधा” हो जाएगा या प्रत्येक ग्राहक को निश्चित रकम की बचत होगी। वास्तविक बचत Jio, Airtel, Vi, BSNL और अन्य ऑपरेटरों द्वारा पेश किए जाने वाले अंतिम टैरिफ पर निर्भर करेगी।

टेलीकॉम उद्योग ने क्यों जताई थी चिंता?

नए नियम से पहले हुई परामर्श प्रक्रिया में उद्योग से जुड़े संगठनों ने कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उदाहरण के तौर पर IAMAI ने मसौदे में प्रस्तावित मूल्य निर्धारण व्यवस्था और tariff forbearance से जुड़े पहलुओं पर चिंता जताई थी। अंतिम नियम TRAI ने हितधारकों की प्रतिक्रियाओं और अपने विश्लेषण के बाद जारी किए हैं।

इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह नहीं है कि हर मोबाइल रिचार्ज तत्काल सस्ता हो जाएगा, बल्कि यह है कि डेटा नहीं चाहने वाले ग्राहक को डेटा-बंडल प्लान लेने की जरूरत कम होगी। पहले Voice-SMS Only विकल्प मौजूद होने के बावजूद छोटी अवधि में उनकी उपलब्धता सीमित थी; अब नियामक ने इसी कमी को सीधे संबोधित किया है।

अंततः ग्राहकों को कितनी वास्तविक बचत होगी, इसका आकलन टेलीकॉम कंपनियों द्वारा संशोधित प्लान और उनकी कीमतें सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि TRAI ने Voice-SMS Only ग्राहकों के लिए छोटी अवधि, मासिक रिन्यूअल और उचित रूप से कम कीमत वाले विकल्पों का नियामकीय रास्ता मजबूत कर दिया है।

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