
छः देशों के साथ यूपी की बड़ी कारोबारी पहल, वैश्विक बाजार पर नजर
कारोबारी बैठकों का लक्ष्य स्थानीय उद्यमों के लिए निर्यात आदेश, विदेशी निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और दीर्घकालीन व्यापारिक साझेदारी के रास्ते खोलना है। हालांकि किसी निवेश प्रस्ताव या तकनीकी हस्तांतरण को अंतिम समझौता तभी माना जाएगा, जब उसकी औपचारिक पुष्टि हो।

ग्रेटर नोएडा | LIVE 24 TV विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी 2026 महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है। इसमें जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस सहयोगी देशों के रूप में शामिल हैं।
25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में 2,400 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। देश-विदेश के खरीदार, निवेशक और औद्योगिक प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के साथ सीधे कारोबारी वार्ता कर रहे हैं। केंद्र में तकनीकी सहयोग, निवेश, उत्पादन, आपूर्ति शृंखला और निर्यात विस्तार है।
जापान से आधुनिक तकनीक, रूस से भारी उद्योग में सहयोग
जापान के साथ उन्नत विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन उद्योग, मशीनरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। लक्ष्य आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता को उत्तर प्रदेश के उद्योगों से जोड़ना है।
रूस के साथ भारी उद्योग, अभियांत्रिकी, ऊर्जा, पेट्रो-रसायन और स्वास्थ्य उपकरणों से जुड़े कारोबारी अवसरों पर जोर है। उत्तर प्रदेश का रक्षा औद्योगिक गलियारा भी विदेशी निवेश के लिए प्रमुख क्षेत्र के रूप में सामने है।
वियतनाम से विद्युत वाहन और वस्त्र क्षेत्र में अवसर
वियतनाम के साथ विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वस्त्र और परिधान उद्योग में सहयोग की संभावनाएं हैं। इसके साथ उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, श्रावस्ती और वाराणसी जैसे बौद्ध स्थलों को दक्षिण-पूर्व एशिया के पर्यटन बाजार से जोड़ने पर भी ध्यान है।
सिंगापुर के साथ आधुनिक नगर विकास, परिवहन, डिजिटल व्यवस्था और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं हैं। वहीं ऑस्ट्रिया उन्नत अभियांत्रिकी और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक, जबकि बेलारूस कृषि मशीनरी और भारी औद्योगिक उपकरणों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार बन सकता है।
छोटे उद्योगों को सीधे विदेशी बाजार से जोड़ने पर जोर
इस आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य उत्तर प्रदेश की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को विदेशी खरीदारों से सीधे जोड़ना है।
हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र और खाद्य उत्पादों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, रक्षा उत्पादन, वाहन उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा तक उत्तर प्रदेश अपनी व्यापक उत्पादन क्षमता दुनिया के सामने प्रदर्शित कर रहा है।
कारोबारी बैठकों का लक्ष्य स्थानीय उद्यमों के लिए निर्यात आदेश, विदेशी निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और दीर्घकालीन व्यापारिक साझेदारी के रास्ते खोलना है। हालांकि किसी निवेश प्रस्ताव या तकनीकी हस्तांतरण को अंतिम समझौता तभी माना जाएगा, जब उसकी औपचारिक पुष्टि हो।
स्थानीय उत्पादन से वैश्विक बाजार तक
यूपी अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी का संदेश स्पष्ट है—उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाना और विदेशी तकनीक व निवेश को प्रदेश के उद्योगों से जोड़ना।
छह देशों की भागीदारी और हजारों उद्यमियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और वैश्विक बाजार के बीच सीधे कारोबारी संपर्क का मंच बना दिया है।
अब नजर इस बात पर है कि यहां होने वाली बैठकों और निवेश वार्ताओं में से कितनी वास्तविक निर्यात मांग, निवेश और तकनीकी साझेदारी में बदलती हैं। यही परिणाम तय करेंगे कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक उत्पादन और निर्यात केंद्र बनाने की दिशा में कितना प्रभावी साबित होता है।




