
फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.60% तक ब्याज! बैंकों ने बढ़ाईं एफडी की दरें

LIVE 24 TV | विशेष आर्थिक समाचार | 7 नवंबर 2026
नई दिल्ली। सुरक्षित बचत और निश्चित ब्याज आय की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए बैंकिंग क्षेत्र से महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। नवंबर 2026 में देश के कई बैंकों ने सावधि जमा यानी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। कुछ बैंकों ने चुनिंदा अवधि की जमा योजनाओं पर ब्याज बढ़ाया है। विशेष रूप से छोटे वित्त बैंकों में वरिष्ठ नागरिकों को सालाना 8.60 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक सहित कई बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में संशोधन किया है। हालांकि, अधिकतम ब्याज दर सभी ग्राहकों और सभी जमा अवधियों पर लागू नहीं होती।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा सबसे आकर्षक ब्याज दरों में से एक
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 30 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा सावधि जमाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया है। बैंक की पांच वर्षीय एफडी योजना में सामान्य ग्राहकों को सालाना 8.25 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 8.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है।वहीं, 18 महीने की जमा पर सामान्य ग्राहकों को 8.01 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 8.16 प्रतिशत ब्याज उपलब्ध है। यह योजना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जो लंबी अवधि तक अपनी बचत जमा रख सकते हैं।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में भी अधिक ब्याज
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एक नवंबर 2026 से नई ब्याज दरें लागू की हैं। बैंक की विशेष 666 दिवसीय एफडी पर सामान्य जमाकर्ताओं को 8.10 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है।
बैंक की अन्य जमा अवधियों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हैं। इसलिए निवेश से पहले योजना की अवधि और संबंधित शर्तों की जानकारी लेना आवश्यक है।
प्रमुख बैंकों की अधिकतम एफडी ब्याज दरें
7 नवंबर 2026 तक प्रकाशित संशोधित दरों के अनुसार, वार्षिक प्रतिशत
बैंक सामान्य ग्राहक. वरिष्ठ नागरिक
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक. 8.25%. 8.60%
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक. 8.10. 8.50%
कोटक महिंद्रा बैंक 6.80%. 7.55%
एक्सिस बैंक. 6.60% 7.35%
केनरा बैंक 6.75% 7.25%
पंजाब नेशनल बैंक 6.60% 7.10%
ये संबंधित बैंकों की चुनिंदा अवधियों पर उपलब्ध अधिकतम दरें हैं। सभी जमा योजनाओं पर समान दर लागू नहीं है।
पांच लाख रुपये की एफडी पर कितनी होगी कमाई?
यदि कोई वरिष्ठ नागरिक पांच लाख रुपये की राशि 8.60 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर जमा करता है, तो साधारण ब्याज की गणना से एक वर्ष में लगभग 43,000 रुपये की आय बनती है।वहीं, 7.20 प्रतिशत ब्याज दर पर यही वार्षिक आय लगभग 36,000 रुपये होगी। इस प्रकार दोनों दरों के बीच सालाना लगभग 7,000 रुपये का अंतर है।हालांकि, वास्तविक परिपक्वता राशि ब्याज की चक्रवृद्धि गणना, जमा अवधि, भुगतान की आवृत्ति और लागू कर पर निर्भर करेगी।
क्या छोटे वित्त बैंकों में पैसा सुरक्षित है?
अधिक ब्याज के साथ जमा की सुरक्षा पर ध्यान देना भी आवश्यक है। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था, निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC), पात्र बैंक जमाओं पर प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक अधिकतम पांच लाख रुपये तक का बीमा संरक्षण प्रदान करती है।
इस सीमा में मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में जमा राशि को भी निर्धारित नियमों के अनुसार जोड़कर देखा जाता है।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को केवल अधिकतम ब्याज दर देखकर एफडी नहीं करानी चाहिए। जमा की अवधि, समय से पहले राशि निकालने पर लगने वाला जुर्माना, ब्याज भुगतान की सुविधा और कर देनदारी की भी जांच करनी चाहिए।एफडी से प्राप्त ब्याज आय सामान्यतः कर योग्य होती है। इसलिए वास्तविक कमाई निवेशक की आय और लागू कर नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।
क्या अभी एफडी कराना फायदेमंद होगा?
ब्याज दरों में हालिया बढ़ोतरी बचत करने वालों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। लेकिन किस बैंक में कितनी राशि जमा करनी चाहिए, इसका निर्णय व्यक्तिगत वित्तीय आवश्यकताओं और जोखिम को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष: नवंबर 2026 में कुछ बैंकों की सावधि जमा योजनाओं पर 8.60 प्रतिशत तक वार्षिक ब्याज उपलब्ध है। निवेशकों के लिए अधिक ब्याज के साथ जमा की सुरक्षा, उचित अवधि और जरूरत पड़ने पर धन निकालने की सुविधा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
नोट: ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। निवेश से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक दरों और शर्तों की पुष्टि अवश्य करें।





