बिजनेस

रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी सौगात! ₹2,009 करोड़ का बोनस मंजूर

मोदी कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के उत्पादकता आधारित बोनस को मंजूरी दी। पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹17,951 मिलेंगे। वहीं, दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता के लिए दिव्यांगता की सीमा 80 से घटाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।

3 मिनट में पढ़ें
रेलवे के 11.40 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी सौगात! ₹2,009 करोड़ का बोनस मंजूर

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026 | LIVE 24 TV विशेष रिपोर्ट

त्योहारी सीजन के बीच केंद्र सरकार ने लाखों रेलवे कर्मचारियों और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरे दो महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार कुल ₹2,009.61 करोड़ खर्च करेगी।

सरकार के इस फैसले से पात्र रेलवे कर्मचारियों को अधिकतम ₹17,951 का बोनस मिल सकेगा। यह भुगतान त्योहारों से पहले किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी।

किन रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा बोनस

इस बोनस का लाभ भारतीय रेलवे के पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, ट्रेन मैनेजर, ट्रैक मेंटेनर, तकनीशियन, पॉइंट्समैन, तकनीकी सहायक और अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं।

रेलवे में उत्पादकता आधारित बोनस देने का उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देना और बेहतर कार्यप्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। बोनस की वास्तविक राशि निर्धारित पात्रता एवं गणना नियमों के अनुसार तय होगी।

रेलवे के बेहतर प्रदर्शन को मिला प्रोत्साहन

सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अवधि में रेलवे ने लगभग 167 करोड़ टन माल की ढुलाई की और करीब 741 करोड़ यात्रियों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराईं।

रेलवे देश की अर्थव्यवस्था, माल परिवहन, यात्री सुविधाओं और औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार है। इन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में कर्मचारियों की भूमिका अहम रहती है।

केंद्र सरकार का कहना है कि बोनस कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ रेलवे की उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होगा।

दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव

रेलवे कर्मचारियों को बोनस देने के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा निर्णय लिया है।

सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹53,428 करोड़ की मंजूरी दी है।

इसके अंतर्गत दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता का मानदंड निर्धारित था, जिसे घटाकर 40 प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई है।

इसके अतिरिक्त न्यूनतम आयु की शर्त हटाकर जन्म से पात्रता प्रदान करने का प्रावधान भी स्वीकृत किया गया है। इससे पात्रता के दायरे में अधिक दिव्यांगजन आ सकेंगे।

संशोधित प्रावधानों के तहत जन्म से 79 वर्ष तक के पात्र लाभार्थियों के लिए केंद्रीय पेंशन सहायता ₹375 प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वालों के लिए ₹625 प्रतिमाह निर्धारित की गई है।

हालांकि, नए प्रावधानों का वास्तविक लाभ संबंधित दिशानिर्देश लागू होने और पात्रता संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मिलेगा।

कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का जोर

केंद्र सरकार के ये फैसले दो अलग-अलग वर्गों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एक ओर रेलवे कर्मचारियों को त्योहारी समय में अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर दिव्यांगजन पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाने से जरूरतमंद लोगों तक सामाजिक सुरक्षा पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और अन्य सहायता योजनाएं भी संचालित होती हैं।

संबंधित खबरें

LIVE 24 TV की और खबरें →