बिजनेस

शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1,248 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के नीचे; निवेशकों के ₹4.33 लाख करोड़ स्वाहा

इस व्यापक बिकवाली का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक दिन में करीब ₹4.33 लाख करोड़ घट गया। बाजार पूंजीकरण लगभग ₹485.01 लाख करोड़ से कम होकर करीब ₹480.68 लाख करोड़ रह गया।

4 मिनट में पढ़ें
शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1,248 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के नीचे; निवेशकों के ₹4.33 लाख करोड़ स्वाहा

मुंबई/नई दिल्ली, 24 सितंबर: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि और बैंकिंग तथा वित्तीय कंपनियों के शेयरों पर बने दबाव के कारण प्रमुख सूचकांक बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,247.71 अंक यानी 1.67 प्रतिशत टूटकर 73,580.54 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 383.70 अंक यानी 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 29 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

इस व्यापक बिकवाली का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक दिन में करीब ₹4.33 लाख करोड़ घट गया। बाजार पूंजीकरण लगभग ₹485.01 लाख करोड़ से कम होकर करीब ₹480.68 लाख करोड़ रह गया।

बीमा क्षेत्र के प्रस्तावित नियमों से वित्तीय शेयरों पर दबाव

बाजार की गिरावट में बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित वितरण और कमीशन संबंधी बदलावों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्राधिकरण ने बीमा उत्पादों पर मिलने वाले कमीशन को उत्पाद की जटिलता और उसे बेचने में लगने वाले प्रयास से जोड़ने सहित कई बदलावों का प्रस्ताव रखा है। ये अभी अंतिम नियम नहीं हैं और इन पर सुझाव मांगे गए हैं।

इन प्रस्तावों के बाद ऑनलाइन बीमा वितरण से जुड़ी कंपनियों में तेज बिकवाली हुई। पॉलिसीबाजार की मूल कंपनी पीबी फिनटेक का शेयर कारोबार के दौरान करीब 30 प्रतिशत तक टूट गया। बाजार में आशंका है कि कमीशन की सीमा घटने से बीमा वितरण से जुड़ी कंपनियों की आय और लाभप्रदता प्रभावित हो सकती है।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में तेज बिकवाली

बाजार पर सबसे अधिक दबाव बड़े बैंकिंग और वित्तीय शेयरों से आया। सेंसेक्स में बजाज फाइनेंस करीब 5.47 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 4.67 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 4.06 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा अन्य प्रमुख वित्तीय और दिग्गज कंपनियों में भी बिकवाली देखने को मिली।

कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी आशंकाओं के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल आयात लागत, महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकता है। बाजार विशेषज्ञों ने तेल की तेजी को गुरुवार की बिकवाली के प्रमुख कारणों में गिना।

अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल और डॉलर ने बढ़ाया दबाव

अमेरिका में मजबूत आर्थिक गतिविधियों के संकेतों के बीच अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी ने वैश्विक शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ाया। अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल ऊंचे स्तर पर पहुंचने से जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। विदेशी पूंजी प्रवाह को लेकर भी भारतीय बाजार में चिंता बनी रही।

विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया दबाव में रहा। गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.96 के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल में तेजी, मजबूत डॉलर और भू-राजनीतिक अनिश्चितता को रुपये की कमजोरी के प्रमुख कारणों में माना गया।

छोटे और मझोले शेयर भी दबाव में

गिरावट केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी व्यापक बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप श्रेणी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि छोटे शेयरों पर भी दबाव रहा। अधिकांश प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।

कुल मिलाकर गुरुवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए अत्यधिक दबाव वाला रहा। कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल, रुपये की चाल और बीमा क्षेत्र के प्रस्तावित नियामकीय बदलाव आने वाले कारोबारी सत्रों में भी निवेशकों की नजर में प्रमुख कारक बने रह सकते हैं।

संबंधित खबरें

LIVE 24 TV की और खबरें →