
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर PM मोदी की बड़ी सौगात! ₹400 करोड़ के प्रोजेक्ट लॉन्च, क्या है खास?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ₹426.71 करोड़ की 31 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

LIVE 24 TV | राष्ट्रीय समाचार | 31 अक्टूबर 2026
गुजरात, 31 अक्टूबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित एकता नगर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर पुष्पांजलि चढ़ाई और देश की एकता तथा अखंडता के निर्माण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे के दूसरे दिन एकता नगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ₹400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना, बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। सरदार पटेल की जयंती को पूरे देश में 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर एकता दौड़, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रीय एकता से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं।
₹426.71 करोड़ की 31 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर प्रधानमंत्री ने कुल ₹426.71 करोड़ की 31 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ₹307.83 करोड़ की लागत से तैयार 23 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जबकि ₹118.88 करोड़ की आठ नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन योजनाओं में पर्यटन, सड़क निर्माण, परिवहन, स्वच्छता, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विकास कार्य शामिल हैं।
प्रमुख परियोजनाओं में लगभग ₹50 करोड़ की लागत से तैयार आईआरसीटीसी होटल शामिल है। इस होटल के जरिए एकता नगर आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा ₹16 करोड़ की लागत से विकसित एकता क्रूज सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे पर्यटक क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों के आकर्षण के लिए ₹14.30 करोड़ की लागत से रेन फॉरेस्ट परियोजना विकसित की गई है। वहीं ₹3.67 करोड़ की लागत से इको ट्रेल तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशाल स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में पर्यटकों की आवाजाही आसान बनाने के लिए ₹28.22 करोड़ की लागत से ट्रैवलेटर सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इनकी मदद से बुजुर्गों, बच्चों और अन्य पर्यटकों को परिसर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
इसके अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सड़कों के सुधार और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी विकास योजनाओं में प्राथमिकता दी गई है। नई परियोजनाओं में गोरा-भांड्रा सड़क विकास, आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था, खलवानी इको-टूरिज्म विकास और कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन का विस्तार भी शामिल है।
इन परियोजनाओं से न केवल पर्यटन सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची, 182 मीटर की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के क्षेत्र को आधुनिक, स्वच्छ और सुविधाजनक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
नर्मदा घाट का कायाकल्प, जल शोधन और स्वच्छता पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ स्वच्छता, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी है। इन विकास कार्यों का उद्देश्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र को आधुनिक पर्यटन केंद्र बनाने के साथ स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
एकता नगर में लगभग ₹45.53 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और ₹21.40 करोड़ की लागत से जल शोधन संयंत्र विकसित किए गए हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में गंदे पानी के उपचार, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और बेहतर जल प्रबंधन व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा नर्मदा घाट के उन्नयन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, सड़क निर्माण और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इन कार्यों से एकता नगर आने वाले पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिल सकेगा।
नई परियोजनाओं में ₹59.32 करोड़ की गोरा-भानद्रा सड़क विकास योजना प्रमुख है। इससे सड़क संपर्क बेहतर होने और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। वहीं ₹36.58 करोड़ की स्मार्ट जीरो-वेस्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के जरिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त खलवानी क्षेत्र में इको-टूरिज्म विकसित करने तथा कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन के विस्तार के लिए भी नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। इन योजनाओं से स्थानीय पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य एकता नगर को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं और पर्यटन विकास के आदर्श केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्यों है खास?
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई 182 मीटर यानी लगभग 597 फीट है। यह भव्य प्रतिमा भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है। सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती के अवसर पर इस ऐतिहासिक प्रतिमा का उद्घाटन किया था। नर्मदा नदी के समीप साधु बेट नामक स्थान पर बनी यह प्रतिमा सरदार सरोवर बांध के पास स्थित है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सबसे बड़ी खासियत इसकी विशाल ऊंचाई, शानदार वास्तुकला और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक है। प्रतिमा के भीतर लगभग 153 मीटर की ऊंचाई पर दर्शक दीर्घा बनाई गई है, जहां से पर्यटक सरदार सरोवर बांध, नर्मदा नदी और आसपास की खूबसूरत पहाड़ियों के मनमोहक नजारे देख सकते हैं। इस प्रतिमा को तेज हवाओं और भूकंप जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष तकनीक से तैयार किया गया है। इसके निर्माण में स्टील, कंक्रीट और कांस्य का इस्तेमाल किया गया है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास वैली ऑफ फ्लावर्स, जंगल सफारी, एकता क्रूज, कैक्टस गार्डन और लेजर लाइट एंड साउंड शो जैसी पर्यटन सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इन आकर्षणों के कारण यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल एक विशाल प्रतिमा या पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी है। यह स्मारक सरदार पटेल के नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान की याद दिलाता है।
PM मोदी ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि
देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर लौह पुरुष सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
इस अवसर पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा पुष्पवर्षा किए जाने की भी जानकारी सामने आई। राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन में देश की एकता, अखंडता और विविधता को प्रमुखता दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को अखंड भारत का शिल्पकार बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की एकता और मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। स्वतंत्रता के बाद सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भव्य एकता परेड का भी आयोजन निर्धारित है। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। परेड के माध्यम से सुरक्षा बलों के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देश की आंतरिक सुरक्षा में उनके योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का प्रमुख विषय 'वंदे मातरम्' रखा गया है। आयोजन में सांस्कृतिक विविधता, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शाम करीब 5:30 बजे मुख्य राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम है। इस दौरान वे एकता परेड का अवलोकन करेंगे। सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य देशवासियों, विशेषकर युवाओं को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया फूलों की घाटी का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में स्थित खूबसूरत फूलों की घाटी का दौरा किया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास विकसित यह उद्यान पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन चुका है। लगभग 24 एकड़ में फैले इस उद्यान में 112 प्रजातियों के करीब 14 लाख पौधे लगाए गए हैं। यहां रंग-बिरंगे फूलों और हरियाली के बीच पर्यटकों को प्रकृति की सुंदरता देखने का अवसर मिलता है।
फूलों की घाटी को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ नर्मदा नदी और आसपास की पहाड़ियों के मनमोहक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। एकता नगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेन फॉरेस्ट, इको ट्रेल और अन्य प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को प्रकृति के करीब लाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इन विकास कार्यों से एकता नगर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
देश की एकता में सरदार पटेल का ऐतिहासिक योगदान
भारत के स्वतंत्रता संग्राम और देश के एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और महात्मा गांधी के करीबी सहयोगी रहे। अपने दृढ़ संकल्प, साहस और मजबूत नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें 'लौह पुरुष' के नाम से जाना जाता है।
सरदार पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खेड़ा सत्याग्रह और बारडोली सत्याग्रह जैसे महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया। किसानों के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के बाद सरदार पटेल देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। उस समय देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सैकड़ों देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराना था।
सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी कूटनीतिक समझ, राजनीतिक दूरदर्शिता और मजबूत प्रशासनिक फैसलों से देश की एकता को मजबूत किया। हैदराबाद और जूनागढ़ जैसी रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। सरदार पटेल ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और अखिल भारतीय सेवाओं के विकास में भी अहम योगदान दिया। उनका मानना था कि भारत की ताकत उसकी एकता और अखंडता में निहित है।
उनके इसी ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। गुजरात में स्थापित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का प्रतीक है। सरदार पटेल का जीवन आज भी देशवासियों को एकता, राष्ट्रसेवा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देता है।

गुजरात दौरे पर PM मोदी ने दी ₹14,000 करोड़ की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान राज्य को हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। 30 अक्टूबर को बनासकांठा जिले में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ₹14,000 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कृषि, पशुपालन, सड़क, रेलवे, परिवहन और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाना है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त भी जारी की। इसके तहत देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में ₹18,000 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की राशि मिली, जबकि बनासकांठा के किसान परिवारों को करीब ₹50 करोड़ की सहायता पहुंचाई गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बनासकांठा में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक पशु प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र से जुड़ी सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला रखी गई, जिनसे पशुपालकों की आय बढ़ाने और जैविक ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परिवहन सुविधाओं के विस्तार के तहत प्रधानमंत्री ने साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार और अहमदाबाद-महेसाणा राजमार्ग को चार लेन से आठ लेन करने की परियोजना भी प्रमुख विकास कार्यों में शामिल रही।
इसके अतिरिक्त आंगनवाड़ी केंद्रों और कृषि भंडारण सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई। गुजरात के इस दो दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने विकास परियोजनाओं के साथ राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में भी भाग लिया।
एकता नगर में खुलेंगे विकास के नए रास्ते
गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास शुरू की गई नई विकास परियोजनाओं से पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन और शिलान्यास की गई परियोजनाओं का उद्देश्य इस क्षेत्र को आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना और स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाना है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहले से ही देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। अब नए होटल, बेहतर सड़कें, आधुनिक परिवहन सुविधाएं, एकता क्रूज, रेन फॉरेस्ट और इको ट्रेल जैसी परियोजनाओं से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इन सुविधाओं से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा। पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा स्थानीय होटल संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों, टैक्सी चालकों, दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को मिल सकता है। इसके अलावा हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खानपान से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नई परियोजनाओं के निर्माण, रखरखाव और संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। होटल प्रबंधन, पर्यटन गाइड, परिवहन, सुरक्षा, सफाई और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में काम की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं जल शोधन संयंत्र, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और स्मार्ट जीरो-वेस्ट कचरा प्रबंधन जैसी परियोजनाएं क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
बेहतर सड़क संपर्क और नागरिक सुविधाओं से स्थानीय निवासियों का जीवन भी आसान होने की उम्मीद है। इससे एकता नगर के आसपास के गांवों और व्यापारिक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, इन परियोजनाओं से रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को कितना वास्तविक लाभ मिलेगा, यह पर्यटकों की संख्या, सुविधाओं के प्रभावी संचालन और स्थानीय लोगों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।
सरदार पटेल के सपनों और आधुनिक भारत के विकास का संदेश
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा सरदार वल्लभभाई पटेल की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने और आधुनिक भारत के विकास का संदेश देने पर केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने एकता नगर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद किया।
गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आज सरदार पटेल की स्मृति और भारत की राष्ट्रीय एकता का प्रमुख प्रतीक बन चुकी है। यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होने के साथ देश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में ₹426.71 करोड़ की 31 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक सड़कें, परिवहन व्यवस्था, जल शोधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
नई परियोजनाओं से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इन विकास कार्यों के जरिए सरकार एकता नगर को आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है।




