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प्रयागराज में CM योगी का बड़ा ऐलान! कसारी-मसारी बनेगा ‘श्रीकृष्णपुरी’

15 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर पद्मलोक आवासीय योजना का भूमिपूजन किया। पहले चरण में 602 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है।

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प्रयागराज में CM योगी का बड़ा ऐलान! कसारी-मसारी बनेगा ‘श्रीकृष्णपुरी’

नई दिल्ली | 16 अक्टूबर 2026

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम नगरी प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस इलाके को अब ‘श्रीकृष्णपुरी’ के नाम से विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को पद्मलोक आवासीय योजना के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान की।

कसारी-मसारी लंबे समय तक माफिया से नेता बने अतीक अहमद के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता था। प्रदेश सरकार ने यहां अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आवास बनाने की योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि प्रयागराज की पहचान अपराध और भय के बजाय विकास, सुरक्षा तथा सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।

602 परिवारों को मिलेगा घर, आगे 1,200 आवास बनाने की योजना

पद्मलोक आवासीय योजना के अंतर्गत पहले चरण में 602 आवास बनाए जाएंगे। परियोजना को आगे बढ़ाते हुए दूसरे चरण में 598 अतिरिक्त आवास बनाने की योजना है। इस प्रकार कुल 1,200 परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव है।

रिपोर्टों के अनुसार, इस आवासीय परियोजना को आधुनिक कॉलोनी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पार्क, खेल सुविधाएं, बाजार और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। लगभग 9,811 वर्गमीटर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना से हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सभी आवासों का निर्माण और आवंटन अभी पूरा नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा—अब कसारी-मसारी नहीं होगा… अब श्रीकृष्ण पुरी के रूप में हम इस पूरे क्षेत्र को विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल प्रदेश सरकार की विकास प्रक्रिया का हिस्सा है।

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय माफिया का प्रभाव बढ़ा, जबकि उनकी सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ गरीबों के लिए आवास और अन्य सुविधाएं विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास और बदलाव लेकर आती है। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान था।

विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने रखी थी नाम बदलने की मांग

प्रयागराज की शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के सामने कसारी-मसारी का नाम बदलने की मांग रखी थी।सिद्धार्थनाथ सिंह ने सुझाव दिया कि क्षेत्र का नाम भगवान श्रीकृष्ण के नाम पर रखा जाए। उनकी इस मांग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्णपुरी के नाम से इलाके को विकसित करने की घोषणा की।

सिद्धार्थनाथ सिंह के प्रस्ताव को स्थानीय स्तर पर नाम परिवर्तन की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हालांकि, क्षेत्र के नाम में आधिकारिक बदलाव के लिए नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना के 556 लाभार्थियों को मिली चाबियां

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाबियां भी वितरित कीं। प्रदेश सरकार के अनुसार, कसारी-मसारी की पद्मलोक आवासीय परियोजना के पहले चरण के 602 आवासों पर 191 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने आवासीय योजनाओं को गरीब कल्याण और शहरी विकास से जोड़ते हुए लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के झलवा क्षेत्र में विकसित की जा रही औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखने की घोषणा भी की। इस कदम को महाराजा बिजली पासी की ऐतिहासिक विरासत के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।

कसारी-मसारी को श्रीकृष्णपुरी के रूप में विकसित करने की घोषणा के बाद अब दो प्रमुख प्रक्रियाओं पर ध्यान रहेगा। पहली, नाम परिवर्तन से संबंधित नगर निगम और प्रशासनिक औपचारिकताएं; दूसरी, पद्मलोक आवासीय परियोजना का निर्माण और पात्र परिवारों को आवासों का आवंटन। इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह और महापौर गणेश केसरवानी के बयान सामने आए हैं। हालांकि, इस विशेष घोषणा पर समाजवादी पार्टी या अन्य विपक्षी नेताओं की कोई पुष्ट प्रतिक्रिया उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है।

प्रयागराज में यह परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां अपराध से जुड़े अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि को आवासीय उपयोग में लाने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना की वास्तविक सफलता निर्माण की गुणवत्ता, समय पर आवंटन और नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।

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