
ND vs NZ: न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखते ही वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 25 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त; सचिन समेत पाकिस्तानी-बांग्लादेशी दिग्गज भी छूटे पीछे
न्यूजीलैंड की धरती पर उतरते ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया और 25 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान अपने नाम किया। सचिन तेंदुलकर समेत पाकिस्तान और बांग्लादेश के कई दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए वैभव ने भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 24 अक्टूबर 2026
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही इतिहास रच दिया। बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया, जो करीब 25 वर्षों से बांग्लादेश के क्रिकेटर मोहम्मद शरीफ के नाम था। वैभव ने पाकिस्तान के आकिब जावेद और भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को भी पीछे छोड़ दिया। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें यह ऐतिहासिक मौका ईशान किशन के चोटिल होने के कारण मिला।
24 अक्टूबर 2026 को न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च स्थित हेगले ओवल मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इसी दौरान उन्होंने प्लेइंग इलेवन में दो बदलावों की घोषणा की। ईशान किशन की जगह वैभव सूर्यवंशी और मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को टीम में शामिल किया गया।
जैसे ही वैभव सूर्यवंशी मैदान पर उतरे, वह 15 साल और 211 दिन की उम्र में न्यूजीलैंड की धरती पर पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। यह रिकॉर्ड किसी एक प्रारूप तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यूजीलैंड में खेले गए पुरुष अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से संबंधित है।
आखिर वैभव सूर्यवंशी ने किसका रिकॉर्ड तोड़ा?
इससे पहले न्यूजीलैंड की धरती पर सबसे कम उम्र में पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का रिकॉर्ड बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मोहम्मद शरीफ के नाम था। उन्होंने 18 दिसंबर 2001 को हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था। उस समय उनकी उम्र महज 16 साल और 6 दिन थी। वैभव सूर्यवंशी ने लगभग 25 साल बाद इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
Post not loading? Read it on X ↗
ईशान किशन की चोट बनी वैभव सूर्यवंशी के लिए मौका
भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन 22 अक्टूबर को खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में चोटिल हो गए थे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक, उनके दाहिने पैर की एडडक्टर मांसपेशी में हल्का खिंचाव आया था। इस चोट के कारण उन्हें दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर होना पड़ा। भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी संकेत दिया था कि ईशान किशन के उपलब्ध नहीं होने पर वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी के लिए प्रमुख विकल्प होंगे।
इसके बाद 24 अक्टूबर को कप्तान श्रेयस अय्यर ने पुष्टि की कि वैभव को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया जाएगा। ईशान की चोट को देखते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भी अतिरिक्त विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया गया। हालांकि, दूसरे मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।
वैभव सूर्यवंशी ने कब शुरू किया क्रिकेट खेलना?
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले में हुआ था। उनका क्रिकेट से रिश्ता बेहद कम उम्र में जुड़ गया था। जब दूसरे बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में व्यस्त रहते हैं, तब वैभव ने क्रिकेट के बल्ले के साथ अपना भविष्य तलाशना शुरू कर दिया था। सरकारी जानकारी के मुताबिक, वैभव ने महज चार साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने शुरुआती दौर में उन्हें प्रशिक्षण दिया। पिता ने बेटे की प्रतिभा को पहचानकर अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया।
नौ साल की उम्र में वैभव समस्तीपुर की एक क्रिकेट अकादमी से जुड़े, जहां उन्होंने व्यवस्थित प्रशिक्षण लेना शुरू किया। लगातार अभ्यास, बल्लेबाजी में आक्रामकता और तेजी से रन बनाने की क्षमता ने उन्हें दूसरे बच्चों से अलग पहचान दिलाई। वैभव बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। उनकी खासियत गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाना और बड़े शॉट खेलने की क्षमता है। यही शैली आगे चलकर उनके क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी।
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने जनवरी 2024 में बिहार की ओर से रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत की थी।
उस समय उनकी उम्र सिर्फ 12 साल और 284 दिन थी। इस उपलब्धि के साथ वह 1986 के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हुए।

2026 में टीम इंडिया में डेब्यू, सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ा
वैभव सूर्यवंशी के करियर में एक और ऐतिहासिक मोड़ 4 जुलाई 2026 को आया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। तब उनकी उम्र सिर्फ 15 साल और 99 दिन थी। इसके साथ वह भारत की पुरुष सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए पदार्पण करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।
इससे पहले भारत की ओर से सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।
जिम्बाब्वे के खिलाफ 18 गेंदों पर अर्धशतक का रिकॉर्ड
जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने केवल 18 गेंदों पर अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया। इस पारी के दौरान उन्होंने चार चौके और चार छक्के लगाए।
महज 15 साल और 118 दिन की उम्र में उन्होंने पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह उपलब्धि जिब्राल्टर के लुई ब्रूस के नाम थी, जिन्होंने 2021 में माल्टा के खिलाफ 16 साल और 56 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया था।
दूसरे टी20 में वैभव का बल्ला नहीं चला, लेकिन भारत ने न्यूजीलैंड को हराया
24 अक्टूबर को खेले गए मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी के लिए रिकॉर्ड तो यादगार रहा, लेकिन बल्लेबाजी में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए वैभव ने आठ गेंदों का सामना किया और चार रन बनाकर नाथन स्मिथ की गेंद पर डेरिल मिचेल के हाथों कैच आउट हो गए।
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों पर 70 रन और बेवन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन बनाए।
भारत के लिए 181 रन के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं रहा। भारतीय टीम ने 70 रन के स्कोर पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने
महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए भारत को चार विकेट से जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली।
बिहार के छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तक का सफर
वैभव सूर्यवंशी की कहानी भारतीय क्रिकेट में उभरती युवा प्रतिभा की एक बड़ी मिसाल है। चार साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू करने वाला बच्चा पहले बिहार की रणजी टीम तक पहुंचा, फिर आईपीएल में शतक लगाकर सुर्खियों में आया और अब भारतीय सीनियर टीम में नए रिकॉर्ड बना रहा है।
हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में वह सिर्फ चार रन बना सके, लेकिन इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करना उनके भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
वैभव सूर्यवंशी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ लगातार रन बनाना और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करना है। आगामी मुकाबलों में टीम प्रबंधन उन्हें कितने मौके देता है और वह उन मौकों का कितना फायदा उठाते हैं, इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।




