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काशी के आसमान में राफेल, सुखोई और तेजस की गर्जना! गंगा के ऊपर 100 विमानों का दमदार शक्ति प्रदर्शन, चंदौली तक गूंजा वायुसेना का शौर्य!

वाराणसी में भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 22 अक्टूबर से तीन दिवसीय 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो शुरू हो गया। नमो घाट से गंगा के ऊपर राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, सूर्यकिरण और सारंग टीम ने शानदार हवाई प्रदर्शन किया।

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काशी के आसमान में राफेल, सुखोई और तेजस की गर्जना! गंगा के ऊपर 100 विमानों का दमदार शक्ति प्रदर्शन, चंदौली तक गूंजा वायुसेना का शौर्य!

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | वाराणसी | 22 अक्टूबर 2026

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी गुरुवार, 22 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के अद्भुत पराक्रम की साक्षी बनी। गंगा की लहरों के ऊपर जब लड़ाकू विमानों ने तेज रफ्तार से उड़ान भरी, तो घाटों पर मौजूद दर्शक रोमांचित हो उठे। राफेल, सुखोई और तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।

भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का आगाज वाराणसी के नमो घाट से हुआ। इसमें लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। आयोजन का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की आधुनिक तकनीक, सैन्य क्षमता और जवानों के अद्वितीय कौशल को आम नागरिकों तक पहुंचाना है।

100 विमानों की भागीदारी, आसमान में दिखा अद्भुत तालमेल

एयर शो में कुल 100 विमान और हेलीकॉप्टर शामिल किए गए हैं। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विरासत विमान शामिल है।

हवाई प्रदर्शन के दौरान विमानों के विशेष समूहों ने निर्धारित दूरी और गति बनाए रखते हुए उड़ान भरी। गंगा के ऊपर तिरंगे के रंगों में दिखाई दिए हवाई प्रदर्शन ने दर्शकों में देशभक्ति का उत्साह भर दिया।

कार्यक्रम में रोजाना लगभग 25 हवाई संरचनाओं के प्रदर्शन की योजना है। भारतीय वायुसेना के साथ थलसेना और नौसेना के कुछ विमान तथा हेलीकॉप्टर भी इस आयोजन का हिस्सा हैं।

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राफेल, सुखोई और तेजस बने आकर्षण का केंद्र

एयर शो में भारतीय वायुसेना की आधुनिक लड़ाकू क्षमता की झलक देखने को मिली।

राफेल: फ्रांस निर्मित राफेल अत्याधुनिक बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। यह हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने की क्षमता रखता है। इसकी तेज रफ्तार और युद्धक क्षमताएं भारतीय वायुसेना को मजबूत बनाती हैं।

सुखोई-30 एमकेआई: भारतीय वायुसेना की प्रमुख युद्धक शक्ति सुखोई-30 एमकेआई अपनी तेज गति, लंबी दूरी और कठिन हवाई युद्धाभ्यास की क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।

तेजस: स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है।इसके अतिरिक्त मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, सी-295 और अन्य सैन्य विमानों को भी प्रदर्शन की सूची में शामिल किया गया है।

सूर्यकिरण और सारंग टीम ने दिखाया कौशल

भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। यह टीम बेहद सटीक तालमेल के साथ समूह में उड़ान भरने के लिए जानी जाती है। विमानों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखना और तेज गति पर एक साथ दिशा बदलना अत्यंत कठिन अभ्यास माना जाता है।

वहीं सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। 21 अक्टूबर को आयोजित अभ्यास के दौरान हेलीकॉप्टरों से रस्सियों के सहारे जवानों के उतरने और विशेष सैन्य कौशल दिखाने का प्रदर्शन हुआ था। इन करतबों से भारतीय वायुसेना के पायलटों के प्रशिक्षण, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का परिचय मिलता है।

नमो घाट से अस्सी घाट तक उमड़ी दर्शकों की भीड़

वायुसेना के इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए वाराणसी के घाटों पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। नमो घाट के अलावा अस्सी घाट, चेतसिंह घाट और आसपास के क्षेत्रों में भी दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे तक कई मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया था। साढ़े दस बजे तक प्रमुख घाटों पर बड़ी संख्या में लोग जुट चुके थे।

प्रशासन ने आयोजन के दौरान लगभग 20 लाख दर्शकों के पहुंचने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की हैं। हालांकि, यह अनुमानित संख्या है; पहले दिन उपस्थित दर्शकों का सत्यापित आंकड़ा नहीं है।

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12 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, 500 क्षेत्रों में बांटी गई व्यवस्था

एयर शो की विशालता को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष इंतजाम किए हैं। वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 12 हजार पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

दर्शकों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए आयोजन क्षेत्र को लगभग 500 छोटे हिस्सों में बांटा गया है। प्रमुख घाटों के आसपास पार्किंग, सुरक्षा जांच, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उड़ान प्रदर्शन सुरक्षित ढंग से संपन्न हो।

काशी से दुनिया को भारतीय वायुसेना की ताकत का संदेश

काशी में आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता, सामूहिक उड़ान कौशल और आधुनिक रक्षा तकनीक का सार्वजनिक प्रदर्शन है।

इस आयोजन की विशेषता यह भी है कि इसे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़े शहर वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।

एक ओर गंगा के प्राचीन घाट भारत की ऐतिहासिक विरासत का परिचय देते हैं, तो दूसरी ओर उनके ऊपर उड़ान भरते आधुनिक लड़ाकू विमान देश की बदलती रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रस्तावित मौजूदगी

वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो का मुख्य आकर्षण 25 अक्टूबर 2026 को होने वाला समापन समारोह होगा। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी प्रस्तावित है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथियों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नमो घाट पर अतिविशिष्ट अतिथियों के लिए विशेष बैठक व्यवस्था, सुरक्षा जांच, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

इस दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई, तेजस और अन्य अत्याधुनिक विमान अपनी युद्धक क्षमता तथा हवाई कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन देश की सैन्य शक्ति, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। हालांकि, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित है। उनके अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इसे निश्चित माना जाएगा।

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