
दिल्ली में फिर प्रदर्शन की तैयारी, अभिजीत दीपके ने किया बड़ा ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन की घोषणा की है।

नई दिल्ली | 15 अक्टूबर 2026
देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में समर्थकों को राष्ट्रीय ध्वज लेकर एकत्र होने का आह्वान किया है।
इस प्रदर्शन को 'लहरा दो तिरंगा' नाम दिया गया है। दीपके ने 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध नहीं है और लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है।
सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
इस नए प्रदर्शन की घोषणा के पीछे CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई प्रमुख वजह है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उस क्षेत्र में प्रवेश किया जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। उन पर शांति बनाए रखने से संबंधित पहले दी गई प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन का भी आरोप है।
दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई कि रिहाई के बाद संबंधित नेता दोबारा प्रतिबंधों का उल्लंघन कर सकते हैं। इसी आधार पर उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनके साथियों को तिरंगा लहराने के कारण जेल भेजा गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के इन अलग-अलग दावों के बीच विवाद गहराता जा रहा है।
देशभर में तिरंगा मार्च निकालने का भी आह्वान
अभिजीत दीपके ने केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी तिरंगा मार्च आयोजित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच सकते, वे अपने-अपने शहरों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाना है।
हालांकि, देश के अन्य शहरों में कार्यक्रमों की संख्या, आयोजन स्थल और प्रशासनिक अनुमति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी
CJP का आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से भी जुड़ा हुआ है। संगठन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। हालांकि, ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके और अन्य CJP नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उस समय भी प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा था।
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पर निगाहें
कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्र है। यहां प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर भी नजर रहेगी। हालांकि, 16 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति, संभावित सुरक्षा प्रतिबंधों और यातायात व्यवस्था में बदलाव की अंतिम आधिकारिक जानकारी की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होंगे। ऐसे में भीड़ की संभावित संख्या को लेकर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
क्या होगा 16 अक्टूबर को?
16 अक्टूबर को शाम 5 बजे प्रस्तावित प्रदर्शन पर राजनीतिक दलों, दिल्ली पुलिस और आम नागरिकों की नजर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होता है या प्रशासन की ओर से कोई प्रतिबंध लागू किया जाता है।
फिलहाल CJP अपने साथियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहरा रही है।




