
अभिनेता इमरान खान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! 2 नवंबर तक नहीं छोड़ना होगा भारत, SIR विरोध प्रदर्शन के बाद क्यों मिला देश छोड़ने का नोटिस?
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। केंद्र सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने देश छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी।

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 27 अक्टूबर 2026
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को देश छोड़ने के नोटिस के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा जारी आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। अब इमरान खान कम से कम 2 नवंबर तक भारत में रह सकेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे निर्धारित की है।
केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। इसके बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित करते हुए 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के निर्देश को अस्थायी रूप से निष्प्रभावी कर दिया। हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं है।
इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस क्यों मिला?
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को मुंबई में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में भारत छोड़ने का नोटिस मिला था। अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक होने के कारण उन पर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेकर आव्रजन नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा। भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत के बाद FRRO ने 14 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने को कहा। इमरान ने आरोपों से इनकार किया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने नोटिस पर अंतरिम रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 2 नवंबर को तय की है।
इमरान खान को नोटिस देने की 4 प्रमुख वजहें
1. अमेरिकी नागरिकता: इमरान खान भारत के नागरिक नहीं हैं। उनके पास अमेरिका की नागरिकता और भारत का OCI (Overseas Citizen of India) कार्ड है।
2. राजनीतिक प्रदर्शन में कथित भागीदारी: 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को अधिकारियों ने विदेशी नागरिकों पर लागू आव्रजन नियमों का कथित उल्लंघन माना।
3. कानूनी प्रावधान: FRRO ने Immigration and Foreigners Act, 2025 की धारा 7(2)(c) और 29 का हवाला दिया। इन प्रावधानों के तहत निर्धारित परिस्थितियों में विदेशी नागरिक को देश छोड़ने का निर्देश दिया जा सकता है।
4. OCI कार्ड पर भी सवाल: अधिकारियों ने इमरान को कारण बताओ नोटिस भेजकर पूछा कि उनकी OCI पंजीकरण स्थिति क्यों न रद्द की जाए।

इमरान खान ने अपनी सफाई में क्या कहा?
इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में नोटिस को चुनौती देते हुए कहा कि वह प्रदर्शन के आयोजक या प्रतिभागी नहीं थे। उनके मुताबिक, वह वहां मौजूद स्थिति जानने और हिरासत में लिए गए एक परिचित के बारे में जानकारी लेने पहुंचे थे।
उनके वकीलों ने दलील दी कि अभिनेता दो वर्ष की उम्र से भारत में रह रहे हैं। नोटिस जारी करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और कथित उल्लंघन का स्पष्ट आधार भी नहीं बताया गया।
14 अक्टूबर को जारी हुआ देश छोड़ने का नोटिस
मुंबई के FRRO ने 14 अक्टूबर को इमरान खान को नोटिस जारी करते हुए 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। नोटिस में आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम, 2025 के कथित उल्लंघन का हवाला दिया गया। इस कानून के तहत केंद्र सरकार कुछ परिस्थितियों में विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, निवास और देश छोड़ने को नियंत्रित कर सकती है।
इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास भारत का ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड है। यह कार्ड उन्हें भारत में रहने की सुविधा देता है, लेकिन भारतीय नागरिकों के सभी संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार प्रदान नहीं करता।
मामला केवल भारत छोड़ने के निर्देश तक सीमित नहीं रहा। FRRO ने इमरान खान को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा कि उनका OCI पंजीकरण क्यों न रद्द किया जाए। नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D के तहत निर्धारित परिस्थितियों में OCI पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। हालांकि, ऐसे निर्णय से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देना आवश्यक है।
इमरान खान ने इस कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि वह दो वर्ष की उम्र से भारत में रह रहे हैं और उनके खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है।
केंद्र ने मांगा समय, हाईकोर्ट ने 2 नवंबर तक टाली सुनवाई
27 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर निर्धारित करते हुए इमरान खान के खिलाफ जारी देश छोड़ने के नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी।
इस फैसले से अभिनेता को फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि FRRO का मूल नोटिस कानूनी रूप से सही था या गलत।
किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी किए जाने से जुड़े विवाद की शुरुआत भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक होने के बावजूद इमरान खान ने राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
सोमैया का दावा था कि विदेशी नागरिक के रूप में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना OCI नियमों और वीजा संबंधी शर्तों का उल्लंघन है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।
भारतीय नागरिकता कानून के तहत ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में आने-जाने और लंबे समय तक रहने सहित कई सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, उन्हें भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं होते। वे भारत में मतदान नहीं कर सकते और न ही चुनाव लड़ सकते हैं।
इमरान खान के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में कथित भागीदारी को लेकर विवाद शुरू हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अमेरिकी नागरिक और OCI कार्डधारक होने के बावजूद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर संबंधित नियमों का उल्लंघन किया।
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