समाचार

आसाराम की फिर होगी जेल वापसी! सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, शाम 5 बजे तक सरेंडर का आदेश; उज्जैन के अस्पताल में भर्ती

दो अलग-अलग दुष्कर्म मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की 20 दिन की पैरोल समाप्त हो रही है। उज्जैन में इलाज के दौरान तबीयत बिगड़ने की खबरों के बीच आत्मसमर्पण का सवाल फिर चर्चा में है। जानिए 2013 की गिरफ्तारी से लेकर 2026 तक मुकदमों, धाराओं, सजा और जमानत का पूरा इतिहास।

5 मिनट में पढ़ें
आसाराम की फिर होगी जेल वापसी! सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, शाम 5 बजे तक सरेंडर का आदेश; उज्जैन के अस्पताल में भर्ती

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 27 अक्टूबर 2026

नई दिल्ली/जोधपुर/उज्जैन। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के लिए 27 अक्टूबर 2026 अहम दिन है। सुप्रीम कोर्ट के 14 अक्टूबर के आदेश के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट से मिली 20 दिन की पैरोल 27 अक्टूबर को समाप्त होनी है। शीर्ष अदालत ने कहा था कि पैरोल समाप्त होने और आत्मसमर्पण करने के बाद उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई होगी। अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है।

उज्जैन के अस्पताल में चल रहा इलाज, सीने में दर्द की शिकायत

आसाराम 21 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचे थे। यहां शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पंचकर्म पद्धति से उनका इलाज किया गया। सिर और कमर दर्द की शिकायत के कारण वह यह उपचार ले रहे थे। 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सीने में दर्द होने के कारण वह अस्पताल में निर्धारित उपचार के लिए नहीं पहुंचे और अंकपात रोड स्थित आश्रम में आराम किया। अस्पताल प्रशासन ने सीने में दर्द संबंधी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।

आसाराम पहली बार कब और किस मामले में जेल गया?

आसाराम को पहली बार 31 अगस्त 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। उस पर उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर निवासी 16 वर्षीय छात्रा से राजस्थान के जोधपुर स्थित मणाई आश्रम में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप था। पीड़िता के परिवार ने 20 अगस्त 2013 को दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में मामला जोधपुर पुलिस को स्थानांतरित हुआ। 2 सितंबर 2013 को आसाराम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई 2026 को नाबालिग से दुष्कर्म की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, लेकिन सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ी IPC 376D और पॉक्सो की संबंधित धाराओं तथा IPC 120B के तहत दोषसिद्धि में राहत दी। इसलिए मूल 2018 की सभी धाराओं को आज भी बरकरार दोषसिद्धि मानना सही नहीं होगा।

Hindi Legal Sections News Infographic.png

गुजरात की शिष्या से दुष्कर्म, 2023 में दूसरी उम्रकैद

अक्टूबर 2013 में गुजरात में आसाराम के खिलाफ एक महिला शिष्या ने शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप था कि वर्ष 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। 30 जनवरी 2023 को गांधीनगर की सत्र अदालत ने आसाराम को दोषी ठहराया और 31 जनवरी को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में IPC की धारा 376(2)(c), 377, 342, 354, 357 और 506 के तहत दोषसिद्धि हुई। वहीं, आसाराम की पत्नी लक्ष्मीबेन, बेटी भारती और चार अन्य सह-आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

कब जेल गया, कब बाहर आया और किस अदालत से मिली राहत?

नीचे प्रमुख गिरफ्तारी, अस्पताल में उपचार, पैरोल और अंतरिम जमानत की समयरेखा दी गई है। ध्यान रहे, जेल की निगरानी में अस्पताल पहुंचना और जमानत पर जेल से रिहा होना अलग-अलग कानूनी स्थितियां हैं।

Asaram Case Timeline Infographic.png

2025 में मेडिकल जमानत कैसे मिली?

जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए आसाराम को अंतरिम मेडिकल जमानत दी। इसके बाद राजस्थान और गुजरात हाईकोर्ट से भी अलग-अलग मामलों में राहत और जमानत अवधि के विस्तार मिलते रहे। हालांकि, यह स्थायी रिहाई नहीं थी। अदालतों ने उपचार, सुरक्षा और अन्य शर्तों के साथ अस्थायी राहत दी थी।

29 अक्टूबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट ने फिर छह महीने की मेडिकल जमानत मंजूर की। यह राहत अप्रैल और मई 2026 तक विभिन्न आदेशों के माध्यम से जारी रही। लेकिन 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा सजा बरकरार रखे जाने के बाद उसे वापस जेल जाना पड़ा।

अगस्त 2026 में फिर पैरोल क्यों मिली?

3 अगस्त 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की उम्र और लंबे समय तक कारावास में रहने के आधार पर 20 दिन की पैरोल मंजूर की। लेकिन गुजरात के दूसरे दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा होने के कारण इस आदेश को लागू करने में कानूनी विवाद खड़ा हो गया।

6 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरे राज्य में दोषसिद्धि अपने-आप राजस्थान के पैरोल आदेश को निष्प्रभावी नहीं बनाती। अदालत ने अधिकारियों को अपने आदेश का पालन करने के लिए कहा। इसके बाद आसाराम जेल से बाहर आया।

सुप्रीम कोर्ट में अब क्या होगा?

14 अक्टूबर 2026 को जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने आसाराम की कानूनी याचिकाओं पर सुनवाई की। आसाराम ने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए गुजरात हाईकोर्ट द्वारा अस्थायी जमानत देने से इनकार किए जाने को चुनौती दी थी, लेकिन यह याचिका वापस ले ली गई।

अदालत ने स्पष्ट किया कि राजस्थान के नाबालिग दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर सुनवाई पैरोल समाप्त होने और आत्मसमर्पण के बाद होगी। अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय है।

दो मामलों में उम्रकैद के बावजूद बाहर कैसे आया आसाराम?

आसाराम को दो अलग-अलग मामलों में उम्रकैद हुई है। किसी एक मामले में मिली पैरोल या जमानत दूसरे मामले में स्वतः लागू नहीं होती। इसलिए राजस्थान और गुजरात के अदालती आदेशों को अलग-अलग समझना जरूरी है। पैरोल या मेडिकल जमानत मिलने का अर्थ दोषसिद्धि खत्म होना भी नहीं है। जब तक सक्षम अदालत सजा पर रोक या दोषसिद्धि रद्द करने का आदेश न दे, कानूनी रूप से सजा प्रभावी बनी रहती है।

आगे सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या आसाराम निर्धारित अवधि में जेल लौटेगा और 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट उसकी अपील पर क्या रुख अपनाएगा।

संबंधित खबरें

LIVE 24 TV की और खबरें →