
अंकिता भंडारी हत्याकांड: पिता की 5 मांगें, राहुल गांधी बोले- न्याय की लड़ाई जारी रहेगी!
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने मामले की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

नई दिल्ली | 15 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और मां सोनी देवी अपनी बेटी के लिए न्याय और मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पहुंचे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर समर्थन जताया।
इंडिया गेट पर प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया
14 अक्टूबर को अंकिता के माता-पिता ने इंडिया गेट पर धरना दिया। प्रदर्शन का प्रमुख कारण भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति थी। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
15 अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद सभी को रिहा कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर राजनीतिक विवाद भी बढ़ गया।
पिता वीरेंद्र भंडारी की प्रमुख मांगें
पीड़ित परिवार लगातार मामले में पारदर्शी जांच चाहता है। फरवरी 2026 में देहरादून में आयोजित महापंचायत में पांच प्रस्ताव पारित किए गए थे। इनमें परिवार की शिकायत के आधार पर सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी, कथित वीआईपी की भूमिका की जांच, संबंधित व्यक्तियों को जांच के दायरे में लाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल थीं।
परिवार ने कथित वीआईपी की पहचान स्पष्ट करने और संबंधित कॉल रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की है। हालांकि, महापंचायत के पांच प्रस्तावों को पिता वीरेंद्र भंडारी की अलग से घोषित नई पांच मांगें नहीं माना जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने परिवार को दिया समर्थन
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे हैं।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस न्यायिक संघर्ष में अंकिता के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी परिवार से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले में ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। बाद में उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ।
मई 2025 में अदालत ने रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों अंकित गुप्ता तथा सौरभ भास्कर को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
हालांकि, परिवार का कहना है कि कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों की जांच पूरी होना अभी बाकी है।
दुष्यंत गौतम पर आरोप और भाजपा का पक्ष
अंकिता के परिवार ने दुष्यंत कुमार गौतम से जुड़े आरोपों की जांच की मांग उठाई है। गौतम इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं और आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर चुके हैं। अब तक अदालत ने इस हत्याकांड में उनकी संलिप्तता साबित नहीं की है।
दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने आरोपियों की गिरफ्तारी, एसआईटी गठन, प्रभावी अभियोजन और परिवार को आर्थिक सहायता देने जैसे कदम उठाए।
वीरेंद्र भंडारी ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया और मांग पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। इस मामले में तीन दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर परिवार के सवाल अब भी बने हुए हैं। आगामी सीबीआई जांच और प्रशासनिक फैसले इस विवाद की दिशा तय करेंगे।




