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खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गाना जारी; सियासी घमासान तेज।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार, 28 अक्टूबर को एक नया राजनीतिक गीत जारी किया। गाने का मुख्य संदेश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के समर्थन से सत्ता में हैं और कांग्रेस की आलोचनाओं के बावजूद उनकी राजनीतिक भूमिका बनी रहेगी।

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खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार, ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गाना जारी; सियासी घमासान तेज।

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 28 अक्टूबर 2026

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने अब 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' शीर्षक वाला एक नया गाना जारी करके कांग्रेस पर पलटवार किया है। इस गाने को भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। विवाद की शुरुआत 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी, जहां खड़गे ने एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में 'मोदी का बाप भी जाएगा' कहा था। भाजपा इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस ने बयान के संदर्भ को लेकर अलग स्पष्टीकरण दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने 1 नवंबर को प्रस्तावित विपक्ष की दिल्ली रैली से पहले राजनीतिक माहौल और गरमा दिया है।

भाजपा ने जारी किया नया गाना, कांग्रेस को दिया जवाब

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार, 28 अक्टूबर को एक नया राजनीतिक गीत जारी किया। गाने का मुख्य संदेश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के समर्थन से सत्ता में हैं और कांग्रेस की आलोचनाओं के बावजूद उनकी राजनीतिक भूमिका बनी रहेगी।

गाने के वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलग-अलग तस्वीरें दिखाई गई हैं। भाजपा ने इसके माध्यम से प्रधानमंत्री की छवि और अपनी सरकार के कामकाज को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की कोशिश की है।

गीत में विपक्ष पर व्यक्तिगत टिप्पणियों और अपमानजनक भाषा का सहारा लेने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ भाजपा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी का जवाब उनकी सरकार के कामकाज और जनता का समर्थन है।

भाजपा का यह संगीत वीडियो केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे व्यापक प्रचार अभियान का हिस्सा है। पार्टी नेताओं, मंत्रियों और पदाधिकारियों ने इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खातों से साझा किया।

गाने में क्या है खास, कांग्रेस पर कैसे साधा निशाना?

भाजपा के नए गाने में बार-बार 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' का संदेश दोहराया गया है। गीत में प्रधानमंत्री के प्रति राजनीतिक समर्थन व्यक्त करने के साथ विपक्ष को निशाना बनाया गया है। भाजपा ने यह दिखाने की कोशिश की है कि आलोचनाओं के बावजूद प्रधानमंत्री को जनता का समर्थन प्राप्त है। गाने में विपक्ष के लिए संदेश दिया गया है कि व्यक्तिगत टिप्पणी करने के बजाय सरकार के कामकाज पर बहस होनी चाहिए।

इसके माध्यम से भाजपा ने खड़गे के बयान को अपने पक्ष में राजनीतिक संदेश बनाने का प्रयास किया है। गाने की भाषा और दृश्यों को इस तरह रखा गया है कि इसे सोशल मीडिया के छोटे वीडियो और पोस्ट के माध्यम से व्यापक रूप से साझा किया जा सके। यह ध्यान रखना जरूरी है कि गाने में जनता के समर्थन और विपक्ष को लेकर किए गए दावे भाजपा के राजनीतिक संदेश का हिस्सा हैं, न कि किसी स्वतंत्र जनमत सर्वेक्षण के निष्कर्ष।

कैसे शुरू हुआ विवाद? पटना में आखिर खड़गे ने क्या कहा था?

इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में हुई। पटना के बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वहां मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठाए।

उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने जोर से कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस टिप्पणी पर खड़गे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' उनकी यह टिप्पणी कार्यक्रम के वीडियो के माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई और इसके बाद भाजपा ने विरोध शुरू कर दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का अपमान किया है। पार्टी ने इसे राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध बताया।

जिस व्यक्ति ने टोका, उसने बाद में क्या बताया?

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू उस व्यक्ति का बयान भी है, जिसकी बात पर खड़गे ने प्रतिक्रिया दी थी। उस व्यक्ति की पहचान बिहार के छपरा निवासी संतोष कुमार के रूप में सामने आई। संतोष कुमार ने बाद में दावा किया कि वह कांग्रेस समर्थक हैं और उनके बयान को गलत समझ लिया गया। उनके अनुसार, वह कहना चाहते थे कि व्यापक जनआंदोलन के बिना नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना संभव नहीं होगा। लेकिन उनका पूरा वाक्य सुने जाने से पहले ही खड़गे ने जवाब दे दिया।

संतोष कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें भाजपा समर्थक समझकर उनके साथ मारपीट की। इस स्पष्टीकरण के बाद सवाल उठे कि क्या पूरा विवाद अधूरी बात समझने के कारण शुरू हुआ था। हालांकि भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को लेकर अपनी आपत्ति कायम रखी।

अमित शाह ने खड़गे के बयान की आलोचना की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों में मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

भाजपा ने खड़गे से माफी की मांग की और इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। पार्टी के अन्य नेताओं ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की। भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को राजनीतिक विवाद में लाना अनुचित है।

वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने भी खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को जिम्मेदार व्यवहार करना चाहिए। भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अभियान में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियां करती है। इस बयान के बाद भाजपा ने राजनीतिक बहस को खड़गे की टिप्पणी और कांग्रेस की भाषा पर केंद्रित करने का प्रयास किया।

कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने साझा किया वीडियो

भाजपा की ओर से जारी नए गाने को पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया पर साझा किया। इनमें भाजपा नेता संबित पात्रा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हैं। इन नेताओं के सोशल मीडिया खातों से वीडियो साझा किए जाने के बाद गाने को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया। भाजपा की यह रणनीति डिजिटल माध्यम से अपने समर्थकों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने पर केंद्रित दिखाई देती है।

दिल्ली, पटना और लखनऊ में भाजपा का विरोध प्रदर्शन

खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा ने केवल सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी किए। बिहार की राजधानी पटना में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया। राज्य भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में कई नेता शामिल हुए। दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाए और खड़गे से माफी की मांग की।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर किसी नेता के दिवंगत परिजन पर टिप्पणी करना स्वीकार्य नहीं है। खड़गे की टिप्पणी के संबंध में पुलिस से शिकायत किए जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि शिकायत दर्ज होना और किसी आरोप का कानूनी रूप से सिद्ध होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।

कांग्रेस ने क्या दिया जवाब? पवन खेड़ा ने रखा अलग पक्ष

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को चुनौती दी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि पटना में खड़गे के भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने अभद्र तरीके से हस्तक्षेप किया था। खेड़ा के मुताबिक, खड़गे की टिप्पणी को व्यक्तिगत अपमान के बजाय राजनीतिक और वैचारिक संदर्भ में समझा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि खड़गे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर हमला कर रहे थे।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा खड़गे के बयान को उसके वास्तविक संदर्भ से अलग करके राजनीतिक विवाद बना रही है। हालांकि कांग्रेस की यह व्याख्या भाजपा के आरोपों से अलग है। दोनों दलों के बीच टिप्पणी की भाषा, संदर्भ और आशय को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

भाजपा के नए गाने के पीछे क्या है राजनीतिक रणनीति?

राजनीतिक संचार के दृष्टिकोण से भाजपा का नया गाना तीन प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित है।

पहला, पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपने समर्थन को प्रमुखता देना चाहती है।

दूसरा, कांग्रेस अध्यक्ष के विवादित बयान को जनता के बीच राजनीतिक मुद्दे के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।

तीसरा, सोशल मीडिया के माध्यम से एक ऐसा संदेश प्रसारित करना चाहती है जिसे कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सके।

पारंपरिक राजनीतिक भाषणों के अलावा गाने, वीडियो और छोटे डिजिटल संदेश अब राजनीतिक दलों के प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

हालांकि इस गाने का मतदाताओं पर वास्तविक प्रभाव क्या होगा, इसके बारे में किसी प्रमाणित अध्ययन या सर्वेक्षण के बिना निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।

खड़गे की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक गाने तक पहुंचा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में की गई टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच शुरू हुआ विवाद अब सोशल मीडिया, विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गानों तक पहुंच गया है। भाजपा ने 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' गाना जारी करके कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन व्यक्त करने की कोशिश की है।

दूसरी ओर कांग्रेस ने खड़गे की टिप्पणी को गलत संदर्भ में पेश किए जाने का आरोप लगाते हुए SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं के सवाल उठाना जारी रखा है। अब 1 नवंबर की विपक्षी रैली से पहले यह विवाद और राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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