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देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी जियो, मुकेश अंबानी बोले—‘कारोबार मेरे लिए पूजा है!’

जियो प्लेटफॉर्म्स की 28 अक्टूबर को शानदार लिस्टिंग हुई। कंपनी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनी। समारोह में अनंत और ईशा अंबानी का संबोधन सुनकर मुकेश अंबानी भावुक हो गए।

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देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी जियो, मुकेश अंबानी बोले—‘कारोबार मेरे लिए पूजा है!’

LIVE 24 TV | विशेष रिपोर्ट | 28 अक्टूबर 2026

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक शुरुआत की। कंपनी के शेयर शानदार प्रीमियम पर लिस्ट हुए और जियो बाजार पूंजीकरण के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। मुंबई के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में आयोजित समारोह में मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता अंबानी, बेटी ईशा अंबानी और बेटों आकाश व अनंत अंबानी के साथ मौजूद थे। इस दौरान अनंत अंबानी ने अपने दादा धीरूभाई अंबानी के सपनों, पिता मुकेश अंबानी के मार्गदर्शन और जियो के करोड़ों ग्राहकों के योगदान को याद किया। बेटे और बेटी का संबोधन सुनते हुए मुकेश अंबानी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

शेयर बाजार में जियो की ऐतिहासिक एंट्री, देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी

भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए 28 अक्टूबर 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि लेकर आया। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की डिजिटल और दूरसंचार कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत की। कंपनी ने लगभग 3.2 अरब डॉलर का आईपीओ पेश किया था, जिसे भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल किया गया। आईपीओ के बाद जियो के शेयर 28 अक्टूबर को बाजार में सूचीबद्ध हुए।

कंपनी के आईपीओ का ऊपरी इश्यू प्राइस 1,119 रुपये प्रति शेयर था, जबकि शेयर ने 1,358 रुपये के स्तर पर बाजार में शुरुआत की। इस तरह शुरुआती कारोबार में निवेशकों को प्रति शेयर 239 रुपये यानी लगभग 21.36 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिला। कारोबार के दौरान शेयर में और तेजी दर्ज की गई और इसकी बढ़त लगभग 27 प्रतिशत तक पहुंच गई।

जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार पूंजीकरण लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई। इसके साथ कंपनी बाजार मूल्य के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। यह रैंकिंग बाजार पूंजीकरण के आधार पर है, न कि कंपनी के राजस्व या मुनाफे के आधार पर। शेयर की कीमत में बदलाव के साथ कंपनी का बाजार मूल्य भी बदल सकता है।

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लिस्टिंग समारोह में पूरा अंबानी परिवार मौजूद, खास रहा भावुक पल

मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर आयोजित लिस्टिंग समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के साथ परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। इस अवसर पर नीता अंबानी, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी ने भाग लिया। परिवार के सदस्यों ने कंपनी के सफर, निवेशकों के विश्वास और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा किए।

समारोह के दौरान ऐसा पल भी आया, जिसने कार्यक्रम को भावनात्मक बना दिया। जब ईशा अंबानी और अनंत अंबानी ने मंच से अपने पिता और दादा के योगदान की बात की, तो मुकेश अंबानी भावुक दिखाई दिए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुकेश अंबानी को अपनी आंखों से आंसू पोंछते हुए देखा। यह पल इसलिए खास था क्योंकि मुकेश अंबानी ने जियो को भारत की डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की बड़ी कंपनी बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई है। अब उनके तीनों बच्चे समूह के अलग-अलग कारोबारों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

अनंत अंबानी ने कहा- 'मेरे लिए कारोबार पूजा है'

समारोह में अनंत अंबानी का भाषण विशेष रूप से चर्चा में रहा। अनंत अंबानी ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे और सभी उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल किसी कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का अवसर नहीं है, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है जिन्होंने जियो पर विश्वास किया।

अनंत ने कारोबार को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि उनके लिए शेयर बाजार में बजने वाली घंटी मंदिर की घंटी के समान है। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए कारोबार पूजा है।' अनंत ने आगे समझाया कि जिस प्रकार पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांटा जाता है, उसी प्रकार जियो की उपलब्धि भी पूरे देश के साथ साझा की जा रही है। उनका संदेश था कि जियो की सफलता किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके ग्राहक, कर्मचारी, निवेशक और साझेदार भी इस उपलब्धि के हिस्सेदार हैं।

आगे अनंत अंबानी ने कहा, "मां ने कहा 'जियो मेरे लाल', दादी ने कहा 'जुग-जुग जियो' और दोस्तों ने कहा 'जियो यार'।" उन्होंने इन शब्दों के जरिए जियो के नाम से जुड़े भावनात्मक रिश्ते को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि जियो को केवल रिलायंस ने नहीं, बल्कि भारत की जनता ने बनाया है। देश के करोड़ों लोगों का भरोसा ही जियो की सबसे बड़ी ताकत है। अनंत अंबानी ने यह भी कहा कि भारत के लोगों के सपनों को पूरा करना ही उनका सबसे बड़ा सपना है।

जियो की लिस्टिंग के बाद शेयर बेचें या होल्ड करें?

जियो की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि शेयर बेचकर मुनाफा कमाया जाए या लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखा जाए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जिन निवेशकों ने केवल लिस्टिंग गेन हासिल करने के उद्देश्य से पैसा लगाया है, वे शेयर की शुरुआती तेजी का फायदा उठाकर मुनाफावसूली करने पर विचार कर सकते हैं। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं का आकलन करके शेयर होल्ड करने का फैसला लेना बेहतर होगा।

कुछ बाजार अनुमानों में शेयर की कीमत ₹1,500 से ₹1,800 तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस लक्ष्य की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है और इसे निश्चित रिटर्न नहीं माना जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता, शेयर के मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही खरीदने, बेचने या होल्ड करने का निर्णय लेना चाहिए।

लिस्टिंग के बाद जियो के नए शेयर खरीदें या नहीं?

जियो की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद नए निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि क्या मौजूदा कीमत पर शेयर खरीदना सही रहेगा या कुछ समय इंतजार करना बेहतर होगा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लिस्टिंग के शुरुआती कारोबारी सत्र में शेयर की कीमत में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय शेयर की चाल और बाजार के रुझान पर नजर रखना जरूरी है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत में गिरावट आती है और कंपनी का मूल्यांकन आकर्षक स्तर पर पहुंचता है, तो निवेशक एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, केवल शेयर की कीमत गिरने का मतलब यह नहीं है कि वह खरीदारी के लिए सस्ता या बेहतर विकल्प बन गया है।

निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, मुनाफे, भविष्य की विकास संभावनाओं और शेयर के वैल्यूएशन का आकलन करने के बाद ही निवेश का फैसला लेना चाहिए। बाजार में संभावित जोखिमों और अपनी निवेश अवधि को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

100 अरब डॉलर के क्लब में जियो की एंट्री

जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 100 अरब डॉलर यानी करीब 10 हजार करोड़ डॉलर के पार पहुंचने के साथ ही जियो दुनिया की सबसे मूल्यवान डिजिटल और टेक्नोलॉजी कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो गई है। बताया जा रहा है कि आईपीओ के समय 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन हासिल करने वाली संस्थापक-नेतृत्व वाली कंपनियों में जियो को दुनिया की चौथी कंपनी माना जा रहा है। इस तुलना में मेटा, अलीबाबा और एलन मस्क की स्पेसएक्स जैसी वैश्विक कंपनियों का नाम लिया जा रहा है।

जियो की यह उपलब्धि भारत के डिजिटल और टेलीकॉम क्षेत्र के बढ़ते आर्थिक महत्व को दर्शाती है। कंपनी ने मोबाइल इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और तकनीकी विस्तार के जरिए भारतीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई है। हालांकि, इस वैश्विक रैंकिंग की पुष्टि के लिए कंपनियों के मूल्यांकन, आईपीओ की स्थिति और संस्थापक की भूमिका की समान आधार पर तुलना करना जरूरी है।

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रिलायंस बना देश का सबसे बड़ा बिजनेस ग्रुप

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के साथ ही मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सभी सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के आधार पर रिलायंस समूह ने टाटा समूह को पीछे छोड़कर देश के सबसे मूल्यवान कारोबारी समूह का स्थान हासिल किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस समूह की सभी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग ₹28.9 लाख करोड़ पहुंच गया है। वहीं, टाटा समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब ₹25.6 लाख करोड़ बताया गया है।

इस तरह दोनों प्रमुख कारोबारी समूहों के बाजार पूंजीकरण के बीच लगभग ₹3.23 लाख करोड़ का अंतर हो गया है। इस सूची में अडाणी समूह करीब ₹16.6 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ तीसरे स्थान पर है। जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को रिलायंस समूह के बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। टेलीकॉम, रिटेल, ऊर्जा और डिजिटल सेवाओं में समूह की व्यापक मौजूदगी उसे भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है। हालांकि, शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कारोबारी समूहों का कुल मार्केट कैप और उनकी रैंकिंग बदल सकती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स क्या है?

मुकेश अंबानी के रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड भारत की प्रमुख डिजिटल और टेलीकॉम कंपनियों में शामिल है। कंपनी मोबाइल नेटवर्क, 5G इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में कारोबार करती है। जियो ने वर्ष 2016 में टेलीकॉम सेवाओं की शुरुआत करके भारत में सस्ते इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया। आज कंपनी के 53 करोड़ से ज्यादा टेलीकॉम ग्राहक हैं। इसकी प्रमुख सेवाओं में जियो 5G, जियोफाइबर, जियो एयरफाइबर और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

28 अक्टूबर 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग हुई। कंपनी लगभग ₹30,188 करोड़ का आईपीओ लेकर आई, जिसे निवेशकों ने 22.19 गुना सब्सक्राइब किया। आईपीओ का इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर था, जबकि BSE और NSE पर इसकी लिस्टिंग ₹1,358 पर हुई। इस तरह निवेशकों को शुरुआत में करीब 21.36 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹12.5 लाख करोड़ पहुंच गया, जिससे जियो रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई।

जियो का सफर कब और कैसे शुरू हुआ?

रिलायंस जियो की शुरुआत मुकेश अंबानी के नेतृत्व में हुई थी। रिलायंस जियो की कहानी साल 2010 में शुरू हुई, जब मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इन्फोटेल ब्रॉडबैंड में हिस्सेदारी खरीदी। इसके बाद कंपनी ने भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का नेटवर्क तैयार करना शुरू किया। 5 सितंबर 2016 को जियो ने देशभर में अपनी मोबाइल सेवाओं की व्यावसायिक शुरुआत की। मुफ्त वॉयस कॉलिंग और शुरुआती मुफ्त 4G डेटा ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में बड़ा बदलाव ला दिया।

  • 2010: रिलायंस ने इन्फोटेल ब्रॉडबैंड में हिस्सेदारी खरीदकर टेलीकॉम क्षेत्र में कदम बढ़ाया।

  • 2013: कंपनी का नाम रिलायंस जियो इन्फोकॉम हुआ।

  • 2016: जियो की 4G सेवाएं लॉन्च हुईं। महज 83 दिनों में 5 करोड़ से ज्यादा ग्राहक जुड़े।

  • 2017: सस्ते 4G फीचर फोन के रूप में जियोफोन लॉन्च हुआ।

  • 2019: जियोफाइबर ब्रॉडबैंड सेवा शुरू हुई। इसी वर्ष 15 नवंबर को जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का गठन हुआ।

  • 2020: फेसबुक (अब मेटा), गूगल सहित 13 वैश्विक निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में कुल ₹1.52 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया।

  • 2021: जियोफोन नेक्स्ट लॉन्च हुआ।

  • 2022: जियो ने भारत में अपनी True 5G सेवाओं की शुरुआत की।

  • 2023: जियो एयरफाइबर के जरिए वायरलेस होम ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार हुआ।

  • 2024–2025: कंपनी ने 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निवेश बढ़ाया।

  • 2026: 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई। लगभग ₹30,188 करोड़ के IPO ने भारत के शेयर बाजार में नया रिकॉर्ड बनाया।

31 मार्च 2026 तक जियो के लगभग 52.44 करोड़ ग्राहक थे। इनमें 26.85 करोड़ 5G ग्राहक शामिल थे। जियोफाइबर और जियो एयरफाइबर के कुल ग्राहक भी 2.71 करोड़ तक पहुंच चुके थे। मुकेश अंबानी के नेतृत्व में शुरू हुई जियो अब टेलीकॉम के साथ क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI तकनीक तक अपना कारोबार बढ़ा चुकी है। महज 10 वर्षों में जियो ने एक नए टेलीकॉम ऑपरेटर से भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में शामिल होने तक का सफर तय किया है।

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