समाचार

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में चलेंगी 1,725 वातानुकूलित विद्युत बसें, 12 वर्षों का होगा अनुबंध

प्रदेश सरकार का यह निर्णय बढ़ती शहरी आबादी की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना की सफलता बसों की समयबद्ध उपलब्धता, मार्गों के उचित निर्धारण, पर्याप्त आवेशण सुविधाओं और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगी।

4 मिनट में पढ़ें
योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में चलेंगी 1,725 वातानुकूलित विद्युत बसें, 12 वर्षों का होगा अनुबंध

LIVE 24 TV | लखनऊ | 9 अक्टूबर 2026

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की नगरीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में नगर विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अंतर्गत प्रदेश के 18 प्रमुख शहरों में 1,725 वातानुकूलित विद्युत बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों के संचालन के लिए 12 वर्षों का अनुबंध किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

18 शहरों को मिलेगी आधुनिक परिवहन सुविधा

सरकार की इस योजना में प्रदेश के सभी 17 नगर निगम क्षेत्रों के साथ नोएडा को शामिल किया गया है। इनमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, सहारनपुर, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद और मथुरा-वृंदावन शामिल हैं।

नोएडा के अंतर्गत जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र को भी परिवहन सुविधा से जोड़ने की योजना है। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ आसपास के इलाकों में भी सार्वजनिक परिवहन का विस्तार हो सकेगा।

नौ और 12 मीटर लंबी होंगी बसें

योजना के तहत यात्रियों की संख्या और मार्गों की आवश्यकताओं के अनुसार नौ मीटर तथा 12 मीटर लंबी वातानुकूलित विद्युत बसें संचालित की जाएंगी।

इन बसों का संचालन सकल लागत अनुबंध प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसके अंतर्गत निजी संचालक बसों की खरीद, विद्युत आपूर्ति एवं आवेशण केंद्रों की स्थापना, चालकों और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति तथा वाहनों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

वहीं, यात्रियों से वसूले जाने वाले किराए और अन्य उपयोगकर्ता शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार करेगी। संचालकों को निर्धारित सेवा एवं प्रदर्शन मानकों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

प्रत्येक बस पर 35 से 40 लाख रुपये का अनुदान

निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने बसों की खरीद पर वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।

इसके तहत 12 मीटर लंबी प्रत्येक विद्युत बस पर 40 लाख रुपये और नौ मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

बसों के रखरखाव और ठहराव के लिए आवश्यक डिपो निर्माण हेतु संबंधित नगर निगम तथा नोएडा प्राधिकरण निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराएंगे।

बसों का अनुबंध वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ होने की तिथि से 12 वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में निजी भागीदारी बढ़ाने तथा सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

पहले से संचालित हैं 743 विद्युत बसें

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में वर्तमान में 743 विद्युत बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से 700 बसें सकल लागत अनुबंध प्रणाली के अंतर्गत चल रही हैं।

नई योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 1,725 बसों का पूरा बेड़ा जुड़ने पर प्रदेश में संचालित विद्युत बसों की कुल संख्या सैद्धांतिक रूप से 2,468 हो सकती है। हालांकि, वास्तविक संख्या उस समय परिचालन में बनी रहने वाली पुरानी बसों पर निर्भर करेगी।

प्रदूषण घटाने और यात्रियों को राहत देने पर जोर

विद्युत बसों के संचालन से शहरी क्षेत्रों में वाहनों से होने वाले प्रत्यक्ष धुएं के उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है। इससे वायु गुणवत्ता सुधारने और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाने में सहायता मिल सकती है।वातानुकूलित बसों से गर्मी के मौसम में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ने से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और बुजुर्गों को सुविधा मिल सकेगी।हालांकि, बसों के वास्तविक संचालन की तिथियां, मार्गवार आवंटन, समय-सारिणी और किराए की विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग की ओर से निर्धारित की जाएगी.

नगरीय परिवहन के विस्तार की दिशा में पहल

प्रदेश सरकार का यह निर्णय बढ़ती शहरी आबादी की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना की सफलता बसों की समयबद्ध उपलब्धता, मार्गों के उचित निर्धारण, पर्याप्त आवेशण सुविधाओं और नियमित रखरखाव पर निर्भर करेगी।सभी प्रस्तावित बसों का संचालन शुरू होने पर प्रदेश के 18 शहरों में सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों के लिए आवागमन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होंगे।

संबंधित खबरें

LIVE 24 TV की और खबरें →